बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज़ हो गई, जब राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि संगठन ने 100 साल में पहली बार कानून का पालन किया है. खड़गे चित्तपुर में आरएसएस की प्रस्तावित गतिविधि के संदर्भ में बोल रहे थे, जिसके लिए संघ ने प्रशासन से अनुमति मांगी थी.
खड़गे के अनुसार, चित्तपुर शहर में प्रशासन ने किसी भी प्रकार के सार्वजनिक आयोजन या रैली के लिए साफ-साफ शर्तें निर्धारित की थीं. उन्होंने कहा कि आरएसएस पर इससे पहले कई बार नियमों को नजरअंदाज करने के आरोप लगे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने खुद विभाग से औपचारिक अनुमति ली है, जो उनके पिछले रुख से बिल्कुल अलग है.
मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा लगाई गई हर शर्त का पालन करना किसी भी संगठन की जिम्मेदारी है. उन्होंने साफ कहा कि कड़ी शर्तें हैं, और अगर इनका उल्लंघन हुआ तो परिणाम भी कड़े होंगे. कानून सबके लिए बराबर है, और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.
खड़गे ने यह भी याद दिलाया कि कुछ समय पहले यही समूह यह दावा कर रहा था कि वह पथ-संचलन जैसे आयोजनों के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति लेने की जरूरत नहीं मानता. लेकिन अब वही संगठन उचित प्रक्रिया का पालन कर रहा है, जो उनके अनुसार कानून के सख्त अनुपालन और प्रशासनिक दृढ़ता का परिणाम है.
बिहार विधानसभा चुनाव के शुरुआती अनुमानों पर टिप्पणी करते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व इस बात की जांच करेगा कि आंकड़े किस आधार पर सामने आ रहे हैं. कुछ पूर्वानुमानों में कांग्रेस को एकल अंकों में दिखाया गया था.
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के कई पहलुओं पर गंभीरता से नजर रखने की जरूरत है, जिसमें संस्थाओं का व्यवहार और उनका संचालन भी शामिल है. खड़गे का कहना था कि एक-दो दिन तक रुझान छिप सकते हैं, लेकिन आखिर में वास्तविक आंकड़े ही पूरी कहानी बताते हैं.
उन्होंने अलंद, महादेवपुर, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसी जगहों पर पहले उठाई गई चिंताओं का भी जिक्र किया और दावा किया कि पार्टी उन घटनाओं से जुड़े कई प्रमाण पहले ही इकट्ठा कर चुकी है.
राज्य कैबिनेट में फेरबदल की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा कि यह पूरी तरह मीडिया में चल रही अटकलें हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल के अंदर इस विषय पर किसी भी तरह की चर्चा नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार अपने कामकाज पर केंद्रित है और इन अफवाहों में फिलहाल कोई सच्चाई नहीं है.