'यह एक राष्ट्रीय कर्तव्य है...', जनगणना ड्यूटी पर हाई कोर्ट सख्त; प्राइवेट स्कूल से कहा- छुट्टी पर गए शिक्षकों को तुरंत वापस बुलाएं

कर्नाटक हाई कोर्ट ने जनगणना को लेकर एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल को सख्त निर्देश दिए कि वे जनगणना ड्यूटी के लिए छुट्टी पर गए अपने शिक्षकों को तुरंत वापस बुलाएं.

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Ashutosh Rai

कर्नाटक हाई कोर्ट ने देश में चल रही 2026 की जनगणना को लेकर एक अहम टिप्पणी करते हुए इसे राष्ट्रीय कर्तव्य करार दिया है. मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने बेंगलुरु के एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल को सख्त निर्देश दिए कि वे जनगणना ड्यूटी के लिए छुट्टी पर गए अपने शिक्षकों को तुरंत वापस बुलाएं.

क्या है पूरा मामला?

बेंगलुरु के जेपी नगर स्थित एक निजी स्कूल ने 9 अप्रैल को जनगणना अधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. इस सरकारी आदेश में स्कूल से 140 कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी के लिए तैनात करने को कहा गया था.

अदालत में दलील

स्कूल के वकील ने अदालत में दलील दी कि उनके संस्थान में कुल 84 शिक्षक ही कार्यरत हैं. इनमें से कई शिक्षक अपनी छुट्टियों पर हैं या विदेश यात्रा कर रहे हैं. स्कूल का तर्क था कि शिक्षकों का छुट्टी पर जाना उनका अधिकार है, इसलिए उन्हें जबरन वापस नहीं बुलाया जा सकता.

बेंच ने स्कूल के रवैये पर उठाए सवाल

जस्टिस सचिन शंकर मगदुम की बेंच ने स्कूल के रवैये पर मौखिक रूप से सवाल उठाते हुए कहा, "अगर स्कूल इस तरह का रवैया अपनाएंगे, तो जनगणना का काम कैसे पूरा होगा. यह प्रक्रिया हर 10 या 11 साल में एक बार होती है. यह एक राष्ट्रीय कर्तव्य है और आप इसे करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं." कोर्ट ने साफ किया कि घर-घर जाकर डेटा जुटाने के लिए जमीनी स्तर पर ऐसे ही कर्मचारियों की सख्त जरूरत होती है.

प्रिंसिपल को मिली अंतरिम राहत

अदालत ने मामले में एक अंतरिम आदेश पारित करते हुए मुख्य जनगणना अधिकारी को निर्देश दिया कि वे प्रिंसिपल के खिलाफ जनगणना अधिनियम की धारा 11 के तहत FIR दर्ज करने जैसी कोई दंडात्मक कार्रवाई न करें. हालांकि, यह राहत इस कड़ी शर्त पर दी गई है कि प्रिंसिपल एक सप्ताह के भीतर छुट्टी पर गए सभी शिक्षकों को वापस बुलाकर ड्यूटी पर रिपोर्ट करवाएंगे.

पहले ही ड्यूटी ज्वाइन कर चुके 12 शिक्षक

सुनवाई के दौरान स्कूल ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि उनके 12 शिक्षक पहले ही ड्यूटी ज्वाइन कर चुके हैं और वे बाकी स्टाफ को भी बुलाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. इसके साथ ही, सरकारी वकील की मांग पर अदालत ने स्कूल को अगली सुनवाई पर उपलब्ध शिक्षकों की पूरी सूची सौंपने का निर्देश दिया है.

जनगणना 2026 का शेड्यूल:

  • पहला चरण: 1 अप्रैल 2026 से स्व-गणना के साथ शुरू हो चुका है.
  • डोर-टू-डोर सर्वे: 16 अप्रैल से नियुक्त कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर सूची बनाने का काम जारी है.
  • दायरा: सितंबर 2026 तक चलने वाले इस पहले चरण में देश के 784 जिलों, 5,127 वैधानिक नगरों, 4,580 जनगणना नगरों और 6,39,902 गांवों को कवर किया जाएगा.