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India Daily

कर्नाटक की अंतिम वोटर लिस्ट जारी, SIR के बाद 1 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए

कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है. इस प्रक्रिया में 1 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिससे कुल मतदाता 4.54 करोड़ रह गए हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
कर्नाटक की अंतिम वोटर लिस्ट जारी, SIR के बाद  1 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए
Courtesy: X/@ceo_karnataka

कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार, इस पुनरीक्षण के बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 5.54 करोड़ से घटकर 4.54 करोड़ (4,54,55,689) रह गई है. इस प्रक्रिया के दौरान कुल 1.08 करोड़ से अधिक गणना फार्मों को मतदाता सूची से बाहर किया गया है.

लिंग और आयु के अनुसार मतदाताओं का विवरण

जारी की गई अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब 2.25 करोड़ (2,25,40,493) पुरुष मतदाता और 2.29 करोड़ (2,29,12,355) महिला मतदाता शामिल हैं. इसके अलावा सूची में 2,841 तृतीय-लिंग (थर्ड-जेंडर) मतदाता पंजीकृत हैं. पहली बार मतदान करने वाले 18-19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या 6.83 लाख से अधिक है.

2002 के बाद पहली बार घर-घर जाकर सत्यापन

कर्नाटक में 30 जून को SIR अभियान की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत पूरे राज्य के 5.54 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं का सत्यापन किया गया. साल 2002 के बाद राज्य में यह अपनी तरह का पहला पुनरीक्षण अभियान था. इस दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर गणना फॉर्म जमा किए और मतदाताओं के विवरण का भौतिक सत्यापन किया.

क्यों हटाए गए 1 करोड़ से अधिक नाम

सत्यापन के दौरान कुल 5.54 करोड़ फॉर्मों में से 4.46 करोड़ फॉर्म हस्ताक्षरित होकर BLO को प्राप्त हुए, जिन्हें 24 अगस्त को जारी प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल किया गया था. जांच में पाया गया कि 1.07 करोड़ से अधिक मतदाता (कुल मतदाताओं का 19.48%) अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि (डुप्लिकेट) की श्रेणी में आते हैं. इनमें सबसे बड़ा आंकड़ा 65.45 लाख से अधिक उन लोगों का था जो स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए थे. इसके अलावा 19 लाख से अधिक अनुपस्थित और 16.39 लाख से अधिक मृत पाए गए.

सुनवाई और आपत्तियों के बाद अंतिम निर्णय

निर्वाचन आयोग ने सत्यापन के लिए 43.82 लाख से अधिक नोटिस जारी किए और सभी मामलों में सुनवाई की. सुनवाई प्रक्रिया के बाद 61,867 लोगों को अपात्र घोषित कर सूची से बाहर किया गया. इसके अतिरिक्त, दावे और आपत्तियों के दौर में 10.08 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 1.88 लाख पुराने नाम हटाए गए और 8.96 लाख प्रविष्टियों में सुधार किया गया.