कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, दिल्ली पहुंचे CM डीके शिवकुमार; आज हो सकता है बड़ा फैसला
कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार को लेकर कांग्रेस में हलचल तेज है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया और बीके हरिप्रसाद दिल्ली पहुंचे हैं.
बेंगलुरु: कर्नाटक में लंबे समय से लंबित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सोमवार को दिल्ली पहुंचे, जहां उनकी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात होने की संभावना है. इस बैठक में कैबिनेट विस्तार और नए मंत्रियों के नामों पर अंतिम चर्चा हो सकती है.
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद भी दिल्ली पहुंचे हैं. पार्टी सूत्रों के अनुसार बैठक शाम करीब 6 बजे कांग्रेस मुख्यालय या किसी वरिष्ठ नेता के आवास पर हो सकती है.
कब होगा कैबिनेट विस्तार पर अंतिम फैसला?
कांग्रेस एमएलसी कशप्पनवर विजयानंद शिवशंकरप्पा ने उम्मीद जताई है कि अगले दो से तीन दिनों में कैबिनेट विस्तार पर अंतिम फैसला हो जाएगा. वहीं विधायक अशोक पट्टन ने दावा किया है कि नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण बुधवार को कराया जा सकता है.
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पिछले सप्ताह भी डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया और बीके हरिप्रसाद दिल्ली आए थे, लेकिन उस समय कांग्रेस नेतृत्व NEET पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन में व्यस्त होने के कारण कैबिनेट विस्तार पर चर्चा नहीं हो सकी थी. हालांकि पार्टी नेतृत्व के साथ प्रारंभिक दौर की बातचीत पहले ही हो चुकी है.
डीके शिवकुमार ने कब ली थी शपथ?
डीके शिवकुमार ने 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जबकि सिद्धारमैया ने 28 मई को इस्तीफा दिया था. उनके साथ 13 मंत्रियों ने भी शपथ ली थी. कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं, इसलिए अभी कई पद खाली हैं.
कैबिनेट विस्तार को लेकर कई विधायक और वरिष्ठ नेता मंत्री बनने की इच्छा जता चुके हैं. कशप्पनवर विजयानंद शिवशंकरप्पा ने कहा कि संगठन के लिए लंबे समय से काम करने वाले नेताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. उन्होंने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद है.
कैबिनेट विस्तार क्यों है महत्वपूर्ण?
यह कैबिनेट विस्तार डीके शिवकुमार के लिए राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उन्हें अपने समर्थकों और सिद्धारमैया खेमे के नेताओं के बीच संतुलन बनाना होगा ताकि 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी एकजुट बनी रहे. मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि कांग्रेस नेतृत्व एक से अधिक उपमुख्यमंत्री बनाने पर विचार कर रहा है, जबकि डीके शिवकुमार कथित तौर पर केवल दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में हैं.
अब सभी की नजर दिल्ली में होने वाली बैठक पर टिकी है, जहां कांग्रेस नेतृत्व को दोनों खेमों के बीच संतुलन बनाते हुए कैबिनेट विस्तार पर अंतिम फैसला लेना है.