कर्नाटक में सत्ता का बड़ा फैसला, आज होगी सबसे अहम बैठक... कल राहुल से मुलाकात; गुरुवार को हो सकता है शपथ ग्रहण
कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर आज रात डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया और केसी वेणुगोपाल की अहम बैठक होगी. बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात की संभावना है.
बेंगलुरु: कर्नाटक में लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया मंगलवार रात 8 बजे कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे. इस बैठक में नए मंत्रियों के नाम, क्षेत्रीय संतुलन और जातीय प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
जानकारी के मुताबिक, बैठक के बाद बुधवार सुबह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ भी दोनों वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात हो सकती है. इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति बनने की उम्मीद है. यदि कांग्रेस आलाकमान से मंजूरी मिल जाती है तो नए मंत्रियों की सूची जारी की जा सकती है.
क्या है आगे की प्लानिंग?
सूत्रों का कहना है कि गुरुवार शाम लोक भवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है. हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई है.
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कांग्रेस के संगठन महासचिव ने क्या कहा?
इससे पहले कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार जल्द होने वाला है और यह कभी भी हो सकता है. उन्होंने संकेत दिया था कि पार्टी नेतृत्व इस पर अंतिम फैसला लेने की प्रक्रिया में है.
बताया गया है कि डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद विस्तार पर चर्चा के लिए पहले भी नई दिल्ली पहुंचे थे. हालांकि उस समय राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेता विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में व्यस्त होने के कारण बैठक नहीं हो सकी थी.
इससे पहले किस विषय पर हुई थी चर्चा?
सूत्रों के अनुसार पिछले सप्ताह भी कर्नाटक के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और राज्य प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा की थी. बाद में डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात कर इस विषय पर विचार विमर्श किया.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस विस्तार में नए चेहरों को मौका देने के साथ क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इससे सरकार को संगठन और प्रशासन दोनों स्तरों पर मजबूती मिलने की उम्मीद है.
गौरतलब है कि 28 मई को सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद 3 जून को डीके शिवकुमार ने 13 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. अब इस कैबिनेट के विस्तार का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है और माना जा रहा है कि आगामी विस्तार से सरकार की कार्यक्षमता और राजनीतिक संतुलन दोनों को मजबूती मिलेगी.