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Beer price hike: शराब के शौकीनों के लिए बुरी खबर, बीयर और IML की कीमतों में होगी बढ़ोतरी, कितने रुपए तक बढ़ सकते हैं दाम?

कर्नाटक सरकार ने बीयर और भारतीय में बनाने वाली किफायती विदेशी शराब (IML) ब्रांडों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (AED) में बढ़ाने का निर्णय लिया है. नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, बीयर पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को 195% से बढ़ाकर 200% कर दिया गया है.

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Garima Singh

Karnataka beer price hike: कर्नाटक सरकार ने बीयर और भारतीय में बनाने वाली किफायती विदेशी शराब (IML) ब्रांडों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (AED) में बढ़ाने का निर्णय लिया है. कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार के नेतृत्व में पिछले दो सालों में कीमतों में ये चौथी बढ़ोतरी हैं. नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, बीयर पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को 195% से बढ़ाकर 200% कर दिया गया है.

शुरूआती मसौदा अधिसूचना में 10% की वृद्धि प्रस्तावित थी, जो AED को 205% तक ले जाती, लेकिन अंतिम निर्णय में इसे 200% पर सीमित किया गया. इस बदलाव से बीयर की कीमतों में मामूली वृद्धि की उम्मीद है, हालांकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि शराब कंपनियां इस लागत को उपभोक्ताओं पर ट्रांसफर करती हैं या नहीं?

किफायती IML ब्रांड्स पर बढ़ा दबाव

कर्नाटक सरकार ने IML की कीमतों को 16 स्लैब में बांटा हैं. जिनमें प्रत्येक स्लैब के लिए अलग-अलग AED लागू हैं. सबसे किफायती चार स्लैब पर शुल्क में वृद्धि की गई है. जिसके परिणामस्वरूप प्रति क्वार्ट (180 मिलीलीटर) IML की कीमत में 15 से 20 रुपये की बढ़ोतरी होने की संभावना है. फेडरेशन ऑफ वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन कर्नाटक ने इस वृद्धि का विरोध करते हुए सरकार को पत्र लिखा, जिसमें चेतावनी दी गई कि इससे बिक्री में 3% की कमी आ सकती है. 

उद्योग की चिंताएँ और विरोध

ब्रूअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के महानिदेशक विनोद गिरी ने इस फैसले पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा, "कर्नाटक में बीयर बाजार में पिछले कुछ महीनों में उत्पाद शुल्क वृद्धि के कारण संकुचन देखा गया था. ऐसा हाल के दिनों में कभी नहीं हुआ.  विकास भी 1% पर स्थिर हो गया. अगर बीयर की बिक्री में और गिरावट आती है तो इस तरह के फैसले सरकार के राजस्व को प्रभावित करेगा. इसी तरह, फेडरेशन ऑफ वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन कर्नाटक ने भी राजस्व विभाग के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मूल्य वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की. महासंघ ने पड़ोसी राज्यों से शराब के अवैध परिवहन की आशंका जताई और सुझाव दिया कि शुल्क दरों को कम किया जाना चाहिए.