कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां के नागरथपेटे की एक तंग गली में 16 अगस्त को एक तीन मंजिला प्लास्टिक मैट निर्माण इकाई में भीषण आग लगने से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग फंस गए. वहीं, मृतकों की पहचान मदन कुमार (38), संगीता (33), नितेश (7), विहान (5) और सुरेश कुमार के रूप में हुई है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आग की सूचना पुलिस और फायर कंट्रोल रूम को सुबह करीब 3 बजे मिली. फायर और इमरजेंसी सर्विस की टीमें छह टेंडरों के साथ मौके पर पहुंचीं और 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. पुलिस ने तीसरी मंजिल के अपार्टमेंट से जले हुए शव बरामद किए, जहां मदन के परिवार के फंसे होने की आशंका थी.
बेंगलुरु CP ने घटनास्थल का किया दौरा
बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने घटनास्थल का दौरा कर रेस्क्यू ऑपरेशनों की निगरानी की। उन्होंने बताया कि आग अंडरग्राउंड बिल्डिंग पर लगी, जहां प्लास्टिक मैट बनाने के लिए कच्चा माल रखा था. बेसकॉम, फायर डिपार्टमेंट और एफएसएल की टीमें आग के कारणों की जांच कर रही हैं। आग पूरे भवन में फैल गई, जिसमें पहली, दूसरी और तीसरी मंजिल पर आवासीय अपार्टमेंट थे। आग और प्लास्टिक फैक्ट्री से हुए धमाकों की आवाज सुनकर कई स्थानीय लोगों ने पास की इमारत पर कूदकर अपनी जान बचाई, जिससे हताहतों की संख्या कम हुई.
BBMP ने बिल्डिंग और फैक्ट्री की जांच-पड़ताल शुरु की
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "बचाव कार्यों में गर्मी और धुएं के कारण काफी बाधा आई. हालांकि, बीबीएमपी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बिल्डिंग और प्लास्टिक फैक्ट्री के दस्तावेजों की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है. फिलहाल, शुरुआती जांच-पड़ताल के मुताबिक, आग की तीव्रता और फैक्ट्री में रखे कच्चे माल ने स्थिति को और गंभीर बना दिया.