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कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली और बेटी प्रियंका के ठिकानों पर ED की छापेमारी, 18 जगहों पर तलाशी

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कर्नाटक के PWD मंत्री सतीश जारकीहोली, उनकी सांसद बेटी प्रियंका जारकीहोली के ठिकानों पर छापेमारी की है. जानकारी के मुताबिक 18 जगहों पर जांच एजेंसी की कार्रवाई जारी है.

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Shanu Sharma

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को कर्नाटक में बड़ी कार्रवाई की. अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत PWD मंत्री सतीश जारकीहोली और उनसे जुड़े लोगों के कई ठिकानों पर तलाशी शुरू की है.

जानकारी के अनुसार बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी स्थित सतीश जारकीहोली के घर पर भी जांच चल रही है. इसके अलावा करीब 18 स्थानों पर ED की टीमें दस्तावेजों और अन्य जरूरी सामग्री की जांच कर रही हैं.

सांसद बेटी प्रियंका के ठिकाने भी जांच के दायरे में

सतीश जारकीहोली की बेटी और चिक्कोडी लोकसभा सीट से सांसद प्रियंका जारकीहोली के ठिकानों पर भी प्रवर्तन निदेशालय की तलाशी चल रही है. अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई मामले से जुड़े अन्य लोगों के परिसरों में भी की जा रही है. हालांकि, फिलहाल एजेंसी की ओर से छापेमारी से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है, इसे लेकर भी अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.


इस मामले में ED की कार्रवाई इससे पहले जून में भी सामने आई थी. उस समय केंद्रीय जांच एजेंसी ने बेलगावी में आबकारी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त और सतीश जारकीहोली के बहनोई वाई. मंजूनाथ के घर की तलाशी ली थी. अधिकारियों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने जारकीहोली के कुछ करीबी सहयोगियों और रिश्तेदारों के परिसरों पर भी छापेमारी की थी. उस समय सामने आई जानकारी के अनुसार, ये कार्रवाई कथित तौर पर विदेश में अवैध तरीके से धन भेजने से जुड़े आरोपों की जांच का हिस्सा थी.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच जारी

ED की मौजूदा कार्रवाई को इसी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, एजेंसी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि सतीश जारकीहोली, प्रियंका जारकीहोली या अन्य लोगों की कथित भूमिका क्या है. फिलहाल अधिकारियों की टीमें अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और अन्य संभावित सबूतों की जांच कर रही हैं. मामले में आगे की कार्रवाई तलाशी के दौरान सामने आने वाली जानकारी और सबूतों के आधार पर तय की जा सकती है. केंद्रीय एजेंसी की ओर से विस्तृत बयान आने के बाद ही जांच की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.