Ranya Rao Case: 127 किलो की गोल्ड तस्करी मामले में फिर फंसी रान्या राव, ED की चार्जशीट में हुए होश उड़ाने वाले खुलासे
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने 102.55 करोड़ रुपये के गोल्ड स्मगलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक्ट्रेस रान्या राव समेत अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. जांच में बड़े नेटवर्क और हवाला चैनल के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है.
बेंगलुरु: 102.55 करोड़ रुपये के गोल्ड स्मगलिंग केस में बड़ा कानूनी कदम उठाते हुए Enforcement Directorate ने पूर्व एक्ट्रेस और मॉडल हर्षवर्दिनी रान्या राव के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल कर दी है. यह चार्जशीट बेंगलुरु की विशेष अदालत में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दायर की गई है.
इस मामले में तरुण कोंडुरु और साहिल सकारिया जैन के नाम भी शामिल हैं. जांच एजेंसी का दावा है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा बड़ा रैकेट है.
एयरपोर्ट पर रान्या राव पर करोड़ों का सोना बरामद
यह मामला 3 मार्च 2025 को सामने आया जब Kempegowda International Airport पर रान्या राव के पास से 14.213 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद किया गया. इस सोने की कीमत लगभग 12.56 करोड़ रुपये बताई गई. इसके बाद की तलाशी में 2.06 करोड़ रुपये की सोने की ज्वेलरी और 2.67 करोड़ रुपये की भारतीय करेंसी भी जब्त की गई. इस कार्रवाई ने जांच एजेंसियों को बड़े स्तर पर चल रहे तस्करी नेटवर्क की ओर संकेत दिया.
ईडी के अनुसार मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच लगभग 127.287 किलोग्राम सोना भारत में अवैध रूप से लाया गया. इसकी कुल अनुमानित कीमत 102.55 करोड़ रुपये बताई गई है. एजेंसी का आरोप है कि इस सोने को देश के अलग अलग हिस्सों में हैंडलर्स और ज्वैलर्स के नेटवर्क के जरिए बेचा गया. भुगतान अधिकतर नकद में किया गया और बाद में हवाला चैनलों के माध्यम से रकम का सेटलमेंट हुआ.
हवाला और बैंक खातों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
जांच में यह भी सामने आया कि कथित रूप से गैर कानूनी कमाई को कई बैंक खातों और संस्थाओं के जरिए घुमाया गया. इसका उद्देश्य लेनदेन को वैध कारोबारी गतिविधि की तरह दिखाना था. ईडी ने बताया कि अवैध फंड को अलग अलग लेयर में डालकर उसकी असली उत्पत्ति छिपाने की कोशिश की गई. यह पूरा सिस्टम योजनाबद्ध तरीके से संचालित हो रहा था.
ईडी ने अपनी जांच की शुरुआत केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की. यह एफआईआर Directorate of Revenue Intelligence की शिकायत के बाद दर्ज की गई थी. डीआरआई ने कस्टम एक्ट की धारा 135 के तहत भी प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की थी. इसके बाद मामला मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आने पर ईडी ने हस्तक्षेप किया.
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