ड्रग्स तस्करी का नया तरीका, बच्चों की किताबों में छिपाकर ला रहे थे 38 करोड़ की कोकीन, बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हुआ भंडाफोड़

बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम अफसरों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बच्चों की किताबों में छिपाकर लाई गई 38 करोड़ रुपये की कोकीन जब्त की है. आरोपी यात्री ब्राजील से भारत आया था और अब एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है.

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Babli Rautela

बेंगलुरु: अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भारत में एक बड़ी कामयाबी सामने आई है. कस्टम अफसरों ने बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक ऐसे यात्री को पकड़ा है जिसने ड्रग्स तस्करी के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया. आरोपी ने बच्चों की स्टोरी बुक्स के पन्नों के बीच कोकीन छिपाकर भारत लाने की कोशिश की थी.

अधिकारियों के मुताबिक उन्हें पहले से ही विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली थी कि एक यात्री भारी मात्रा में नशीले पदार्थ लेकर भारत पहुंचने वाला है. इसी सूचना के आधार पर एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ा दी गई थी. जैसे ही संदिग्ध यात्री लैंडिंग के बाद नियमित जांच के लिए आगे बढ़ा, कस्टम अफसरों ने उसे रोक लिया.

किताबों ने खोला तस्करी का राज

तलाशी के दौरान यात्री के सामान से कुछ किताबें बरामद हुईं. ये किताबें देखने में बिल्कुल सामान्य थीं. कुछ स्कूल से जुड़ी बच्चों की किताबें और कुछ स्टोरी बुक्स थीं. आरोपी ने दावा किया कि ये किताबें वह अपने बच्चों के लिए लेकर आया है. लेकिन कस्टम अफसरों को किताबों के पन्ने कुछ असामान्य लगे.

जब किताबों की गहराई से जांच की गई तो पन्ने जरूरत से ज्यादा मोटे और चिपके हुए नजर आए. अफसरों ने जब पन्नों को अलग किया तो उनके बीच सफेद रंग की पतली परतें मिलीं. जांच करने पर पता चला कि यह कोकीन है. किताबों के कई पन्नों के बीच इसी तरह ड्रग्स छिपाई गई थी.

7.72 किलो कोकीन बरामद

अधिकारियों ने बताया कि कुल 7.72 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 38 करोड़ रुपये आंकी गई है. यह हाल के दिनों में बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हवाई मार्ग से पकड़ी गई सबसे बड़ी ड्रग्स खेप में से एक मानी जा रही है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ब्राजील के साओ पाउलो का रहने वाला है. वह सीधे ब्राजील से भारत पहुंचा था. अधिकारियों को शक है कि यह तस्करी किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है. फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके.

एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तारी

आरोपी को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह ड्रग्स भारत में कहां सप्लाई की जानी थी.

इस नई बरामदगी ने हवाई मार्गों से हो रही मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है. अधिकारी मानते हैं कि तस्कर लगातार नए और चौंकाने वाले तरीके अपना रहे हैं ताकि सुरक्षा जांच से बच सकें. बच्चों की किताबों का इस्तेमाल करना इस बात का उदाहरण है कि तस्करी के तरीके कितने खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके हैं.