कर्नाटक के इन मंदिरों में मना सकते हैं राम नवमी का त्योहार; शुरू हो चुका है जश्न
राम नवमी के त्योहार पर अगर आप कर्नाटक में हैं तो आप इस खास उत्सव पर कुछखास मंदिरों में जा सकते हैं. आज हम आपको 10 मंदिर बता रहे हैं, जो आपके इस दिन को और भी ज्यादा खास बनाएगी.
देश भर में राम नवमी का उत्साह है. सभी लोग अपनी-अपनी परंपराओं के मुताबिक इस त्याहोर को मना रहे हैं. लेकिन अगर आप कर्नाटक में रहते हैं तो हम आपको कुछ मंदिरों के नाम बता रहें हैं, जहां आप इस त्योहार को और भी ज्यादा उत्साह के साथ मना सकते हैं.
हम्पी का कोदंडरामा मंदिर
विजयनगर साम्राज्य के खंडहरों के बीच स्थापित कोदंडरामा मंदिर राम नवमी के खास समारोहों के लिए प्रसिद्ध है. यहां भगवान राम को कोदंड धारण करते हुए दर्शाया गया है. राम नवमी के दिन भक्त पूजा-अर्चना, भजन और भव्य शोभायात्राओं में शामिल होते हैं.
बेंगलुरु का इस्कॉन मंदिर
बेंगलुरु के हरे कृष्ण हिल स्थित इस्कॉन मंदिर में राम नवमी पर विशेष आरती, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. मंदिर की सुंदर सजावट और उत्सव का माहौल भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है.
रामानंजनेय स्वामी मंदिर
हनुमान और राम की सुंदर मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध रामानंजनेय स्वामी मंदिर में राम नवमी के दिन खास पूजा की जाती है. मंदिर का शांत और पवित्र वातावरण आध्यात्मिक अनुभव को गहराई प्रदान करता है. राम नवमी के दिन विशेष पूजा, रामायण पाठ और भजन आयोजित किए जाते हैं.
मैसूर का श्री राम मंदिर
मैसूर में स्थित श्री राम मंदिर भक्ति का प्रमुख केंद्र है. राम नवमी पर यहां रामायण पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य शोभायात्राएं निकाली जाती हैं. पूरे शहर से भक्त इन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए उमड़ पड़ते हैं.
उडुपी का श्री कृष्ण और राम मंदिर
उडुपी भगवान कृष्ण और भगवान राम की दोहरी भक्ति के लिए जाना जाता है. राम नवमी के दौरान मंदिर में भजन, विशेष पूजा और सामुदायिक समारोह आयोजित किए जाते हैं. उडुपी श्री कृष्ण मठ में रामोत्सव को वैभवपूर्ण तरीके से मनाया जाता है, जहां कृष्ण सन्निधि में राम नाम स्मरण होता है.
बेंगलुरु का बसवनगुडी राम मंदिर
मध्य बेंगलुरु के बसवनगुडी में स्थित राम मंदिर विशेष आरती, शोभायात्रा और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है. पूरे शहर से भक्त यहां पहुंचकर राम नवमी मनाते हैं.