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Prajwal Revanna Crying: गुनाह का बोझ या पछतावा? बलात्कार मामले में दोषी करार दिए जाने पर प्रज्वल रेवन्ना की आंखों में दिखे आंसू

बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद प्रज्वल रेवन्ना अदालत में फूट-फूट कर रो पड़े. 14 महीने में मुकदमे का फैसला आ गया, जो उच्च-प्रोफाइल मामलों में दुर्लभ है. सजा का ऐलान 2 अगस्त को होगा. 2,000 से अधिक अश्लील वीडियो सामने आने के बाद यह केस बना था.

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Km Jaya

Prajwal Revanna Crying: पूर्व सांसद और जनता दल के निलंबित नेता प्रज्वल रेवन्ना शुक्रवार को बेंगलुरु की एक विशेष अदालत में बलात्कार और यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद फूट-फूट कर रो पड़े. कोर्ट से बाहर निकलते समय वे आंसुओं से भरे नजर आए. विशेष न्यायाधीश संतोष गजानन भट शनिवार को उनकी सजा का ऐलान करेंगे.

यह फैसला ऐसे समय आया है जब इस हाई-प्रोफाइल केस को दर्ज हुए महज 14 महीने ही हुए हैं. आमतौर पर ऐसे मामलों में वर्षों तक कानूनी प्रक्रिया चलती है, लेकिन यह मामला तेज गति से आगे बढ़ा और एक राजनीतिक हस्ती के खिलाफ कोर्ट ने फैसला सुनाया.

सोशल मीडिया पर हुआ वायरल 

प्रज्वल रेवन्ना, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पोते और कर्नाटक के वरिष्ठ नेता एच.डी. रेवन्ना के बेटे हैं. उन पर लगे आरोप 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सामने आए थे, जब हासन जिले में कथित रूप से उनके यौन शोषण से जुड़े 2,000 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो पेन ड्राइव में लीक हुए और सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.

महिलाओं ने कराईं शिकायतें दर्ज

इन वीडियो क्लिप्स के सामने आने के बाद पूरे राज्य में जन आक्रोश फैल गया. कई महिलाओं ने आगे आकर शिकायतें दर्ज कराईं, जिसके बाद प्रज्वल के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए. इनमें पहला मामला होलेनरसीपुरा टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था.

बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार 

पुलिस की विशेष जांच टीम यानी SIT ने प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था, जब वे जर्मनी से लौटे थे. गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई.

तत्काल प्रभाव से निलंबित

लोकसभा चुनाव 2024 में वे हासन सीट से दोबारा चुनाव लड़े लेकिन हार का सामना करना पड़ा. पार्टी ने उन पर लगे आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.

शनिवार को आएगा फैसला

रेवन्ना की दोषसिद्धि न केवल एक व्यक्तिगत या राजनीतिक झटका है, बल्कि यह यौन अपराधों और सत्ता के दुरुपयोग के विरुद्ध तेज न्यायिक कार्रवाई का भी प्रतीक बन गई है. अब सबकी निगाहें शनिवार को आने वाली सजा पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले को निर्णायक मोड़ दे सकती है.