कर्नाटक में शिक्षा सुधारों को लेकर बड़ा फैसला, 5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी का गठन, छात्र हितों पर होगा फोकस
सरकार सचिवालय द्वारा बुधवार को जारी आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार यह समिति 21 अगस्त को कैबिनेट में लिए गए निर्णय के बाद गठित की गई है. समिति के सदस्यों में उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायारेड्डी, गृह, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियंक खर्गे, चिकित्सा शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री शरण प्रकाश पाटिल तथा स्कूल शिक्षा मंत्री मधु बांगारप्पा शामिल हैं.
कर्नाटक सरकार ने छात्रों की समस्याओं और शिक्षा सुधारों पर विचार करने के लिए पांच सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति का गठन किया है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू टी खादर को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
कर्नाटक में शिक्षा सुधारों को लेकर बड़ा फैसला
सरकार सचिवालय द्वारा बुधवार को जारी आधिकारिक ज्ञापन के अनुसार यह समिति 21 अगस्त को कैबिनेट में लिए गए निर्णय के बाद गठित की गई है. समिति के सदस्यों में उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायारेड्डी, गृह, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियंक खर्गे, चिकित्सा शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री शरण प्रकाश पाटिल तथा स्कूल शिक्षा मंत्री मधु बांगारप्पा शामिल हैं.
5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी का गठन
यह कैबिनेट उप-समिति छात्रों के हित और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से जुड़े छह प्रमुख मुद्दों पर विचार करेगी तथा सुझाव देगी. समिति परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्षता की जांच करेगी. इसमें प्रश्न पत्र लीक और गड़बड़ियों को रोकने के उपाय, राज्य परीक्षाओं व भर्तियों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा निश्चित व समयबद्ध परीक्षा-भर्ती कैलेंडर बनाना शामिल है.
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समिति शिक्षा की लागत से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देगी. निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा वसूली जाने वाली फीस का नियमन, कोचिंग सेंटरों पर नजर रखना और छात्रों व उनके परिवारों पर शिक्षा के वित्तीय बोझ को कम करने के कदम सुझाए जाएंगे.
सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों में बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता की समीक्षा भी समिति करेगी. सरकारी स्कूलों, प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को मजबूत करने के उपायों पर विचार होगा. शिक्षक रिक्तियों तथा प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, छात्रावासों जैसी जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जाएगा.
पाठ्यक्रम सुधार, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के मुद्दों पर भी अध्ययन होगा. समिति पाठ्यक्रम को उभरते रोजगार अवसरों और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप बनाने के तरीके सुझाएगी. कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप और इंटर्नशिप को बढ़ावा देने तथा शिक्षण संस्थानों व उद्योगों के बीच साझेदारी मजबूत करने के उपाय भी सिफारिश करेगी.
कर्नाटक सरकार (व्यवसाय लेनदेन) नियम, 1977 के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग इस कैबिनेट उप-समिति के लिए नोडल विभाग के रूप में काम करेगा. समिति के गठन से छात्रों की समस्याओं के समाधान और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.