नेपाल बाढ़ के बाद एक्शन मोड में मोदी सरकार, एस. जयशंकर ने दिल्ली में बुलाई बैठक
नेपाल में बुधवार को आई अचानक भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. हादसे में अब तक 177 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं. इनमें भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं. इस समस्या को लेकर दिल्ली में बैठक की गई.
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद कई इलाकों में हालात बेहद खराब हैं. बाढ़ से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. प्रशासन और सुरक्षा बल खराब मौसम तथा मुश्किल परिस्थितियों के बीच लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं.
नेपाल सरकार की ओर से लगातार राहत और बचाव अभियान को चलाया जा रहा है. इसी बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिल्ली में भारतीय राजदूतों के साथ हाई लेवल मीटिंग की है.
कैसे आई अचानक इतनी भीषण बाढ़?
बताया गया है कि हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे के बहाव में रुकावट पैदा हो गई थी. इसके बाद अचानक पानी का दबाव बढ़ा और बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया. चीन की सीमा के पास रसुवागढ़ी के तिमुरे इलाके में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला. लापता लोगों में भारतीय नागरिक और पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं. भारत की ओर से उनकी जानकारी जुटाने के लिए नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है.
Also Read
जयशंकर ने की उच्चस्तरीय बैठक
नेपाल में बने हालात को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को दिल्ली में एक अहम बैठक की. इसमें विदेश सचिव और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ काठमांडू तथा बीजिंग में तैनात भारतीय राजदूत भी शामिल हुए. जयशंकर ने बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनकी सुरक्षा का पता लगाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं. विदेश मंत्रालय अलग-अलग मंत्रालयों, राज्य सरकारों, पर्यटन संचालकों और परियोजना अधिकारियों के साथ मिलकर जानकारी जुटा रहा है.
भारत ने भेजी 37.5 टन राहत सामग्री
नेपाल को राहत पहुंचाने के लिए भारत लगातार जरूरी सामान भेज रहा है. बुधवार को 10 टन मानवीय सहायता की पहली खेप भेजे जाने के बाद गुरुवार को दूसरी खेप भी रवाना की गई. इसमें 37.5 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री के साथ दवाइयां और खाद्य पैकेट शामिल हैं.
भारत ने साफ किया है कि वह इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़ा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा कि भारत राहत और बचाव कार्यों में नेपाल को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है. दोनों देशों के अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और राहत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.