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Vijayalakshmi Suicide: कोविड में बेटे की मौत ने दिया ऐसा सदमा कि रिहायशी इमारत से कूदकर कर ली आत्महत्या, कौन है यह महिला?

Vijayalakshmi Suicide: बेंगलुरु में 70 वर्षीय महिला विजयलक्ष्मी ने रिहायशी इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की, कारणों का पता लगाया जा रहा है.

anvi shukla
Edited By: Anvi Shukla
Vijayalakshmi Suicide: कोविड में बेटे की मौत ने दिया ऐसा सदमा कि रिहायशी इमारत से कूदकर कर ली आत्महत्या, कौन है यह महिला?
Courtesy: social media

Vijayalakshmi Suicide: रविवार तड़के राजीव गांधी नगर की एक रिहायशी इमारत से 70 वर्षीय महिला ने कूदकर जान दे दी. मृतका की पहचान विजयलक्ष्मी के रूप में हुई है, जो अपने बहू और पोते-पोतियों के साथ रह रही थीं. बताया जा रहा है कि विजयलक्ष्मी ने यह कदम सुबह करीब 4 बजे उठाया.

सुबह करीब 4:30 बजे एक ऑटो रिक्शा चालक ने सड़क पर एक महिला का शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचित किया. HSR लेआउट पुलिस घटनास्थल पर तत्काल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की.

कोविड में बेटे की मौत के बाद टूट गई थीं

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि विजयलक्ष्मी एक गृहिणी थीं और अपने पति को वर्षों पहले खो चुकी थीं. उनके चार बच्चे थे — दो बेटे और दो बेटियां. एक बेटा पहले ही गुजर चुका था, जबकि दूसरा बेटा कोविड-19 महामारी के दौरान चल बसा. इन पारिवारिक आघातों ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया था.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, 'विजयलक्ष्मी पिछले कुछ वर्षों से तनाव में थीं और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रही थीं. उनके घर से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. उन्होंने जिस इमारत से छलांग लगाई, वह उनके रिश्तेदारों की है और उनके घर के ठीक सामने स्थित है.'

अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज

पुलिस ने विजयलक्ष्मी की बेटी की शिकायत के आधार पर अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है. जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई और कारण तो नहीं.

समाज को सोचने की जरूरत

विजयलक्ष्मी की आत्महत्या न सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि यह समाज को बुजुर्गों की मानसिक सेहत और उनके अकेलेपन की गंभीरता को समझने की भी एक चेतावनी है. ऐसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि बुजुर्गों को केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक सहारा देना भी बेहद जरूरी है.