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India Daily

'मोबाइल, टीवी और गरमा गरम चाय', बेंगलुरु की जेल में मौज काटता दिखा सीरियल किलर, वीडियो वायरल

बेंगलुरु की परप्पाना अग्रहारा सेंट्रल जेल से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें खतरनाक अपराधी मोबाइल फोन चलाते और टीवी देखते नजर आ रहे हैं. इसमें सीरियल रेपिस्ट और किलर भी शामिल है, जिसे 20 रेप और 18 हत्याओं के मामलों में दोषी ठहराया गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल स्टाफ को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई.

Kanhaiya Kumar Jha
Edited By: Kanhaiya Kumar Jha
Bengaluru Jail Viral Video India Daily
Courtesy: X

बेंगलुरु: कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित परप्पाना अग्रहारा सेंट्रल जेल एक बार फिर सुर्खियों में है.  सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.  वीडियो में कई खतरनाक अपराधी मोबाइल फोन इस्तेमाल करते और आराम से टीवी देखते नजर आ रहे हैं. 

वीडियो में सबसे चौंकाने वाला चेहरा सीरियल रेपिस्ट और किलर उमेश रेड्डी का है, जो जेल के अंदर दो एंड्रॉयड और एक कीपैड फोन का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है.  रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल स्टाफ को इसकी जानकारी थी, फिर भी किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की.  वीडियो में रेड्डी के बैरक में एक टीवी भी लगा देखा गया है. 

कौन है उमेश रेड्डी?

उमेश रेड्डी 1996 से 2002 के बीच 20 महिलाओं से रेप और 18 हत्याओं के मामलों में दोषी पाया गया था.  उसे पहले मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे 30 साल की सजा (बिना किसी रियायत) में बदल दिया.  रेड्डी ने मानसिक बीमारी का दावा किया था, लेकिन मेडिकल जांच में वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया. 

सोने की तस्करी का आरोपी भी वीडियो में

एक अन्य वायरल वीडियो में तरुण राजू नाम का आरोपी जेल के अंदर फोन इस्तेमाल करते और खाना बनाते हुए दिखाई दे रहा है.  तरुण राजू रान्या गोल्ड स्मगलिंग केस में गिरफ्तार हुआ था और कथित तौर पर दुबई से सोने की तस्करी का नेटवर्क चला रहा था.  उसे उस वक्त पकड़ा गया जब वह जिनेवा भागने की कोशिश कर रहा था. 

सरकार ने दिए जांच के आदेश

वीडियो सामने आने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं.  उन्होंने कहा कि दोषी जेल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी. 

बेंगलुरु की जेल से सामने आया यह मामला, इस तरह का पहला मामला नहीं है, बल्कि इस तरह के कई मामले देश के अन्य जेलों से इससे पहले भी सामने आ चुके हैं. हर बार मामला सामने आने के बाद कार्रवाई भी होती है, लेकिन 'जेलों में कैदियों की मौज' वाला सिस्टम खत्म होने का नाम नहीं ले रहा.