सावधान! रांची के इन इलाकों में कभी भी चल सकता है बुलडोजर, निगम ने तैयार कर ली पूरी लिस्ट
रांची नगर निगम शहर में सबसे बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करने जा रहा है. धुर्वा, रातू रोड और हरमू बाइपास समेत कई इलाकों में सर्वे पूरा, जल्द होगी कार्रवाई.
रांची नगर निगम ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है. निगम ने प्रमुख सड़कों और सरकारी जमीनों का सर्वे पूरा कर लिया है. अब रिपोर्ट के आधार पर चिन्हित अतिक्रमण के खिलाफ चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी. यह अभियान केवल अवैध कब्जे हटाने तक सीमित नहीं रहेगा. नगर निगम का उद्देश्य प्रमुख मार्गों को व्यवस्थित, सुरक्षित और यातायात के अनुकूल बनाना है. इसके लिए सड़क, फुटपाथ, पार्किंग और सार्वजनिक स्थलों का भी वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाएगा.
प्रमुख मार्गों पर पूरा हुआ सर्वे
नगर निगम ने धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन से लेकर जस्टिस एल.पी.एन. शाहदेव चौक, रातू रोड चौक और हरमू बाइपास तक सड़क के दोनों किनारों का सर्वे कराया है. इस दौरान सड़क और सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण की पहचान की गई. अब सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
अभियान की निगरानी के लिए बनेंगी विशेष टीमें
नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई. बैठक में अभियान को प्रभावी बनाने के लिए तीन विशेष टीमें गठित करने का निर्णय लिया गया. इन टीमों में दो सहायक नगर आयुक्त और एक उप नगर आयुक्त शामिल होंगे, जो अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे.
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मॉडल अतिक्रमण मुक्त कॉरिडोर बनाने की तैयारी
नगर निगम का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल अवैध कब्जे हटाना नहीं, बल्कि पूरे मार्ग को मॉडल अतिक्रमण मुक्त कॉरिडोर के रूप में विकसित करना है. सड़क, फुटपाथ, हरित क्षेत्र, पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित कर आम लोगों के लिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जाएगा.
ऑटो स्टैंड और बाजार होंगे व्यवस्थित
बैठक में नागा बाबा खटाल सब्जी मार्केट के पास स्थित खटालों के विस्थापन और रेलवे स्टेशन के निकट उपलब्ध भूमि को ऑटो स्टैंड के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए. निगम का मानना है कि इससे ऑटो संचालन व्यवस्थित होगा और सड़क पर लगने वाले जाम की समस्या में कमी आएगी.
अवैध वसूली पर भी होगी सख्त कार्रवाई
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑटो चालकों या अन्य लोगों से अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं. साथ ही अधिकारियों से ऐसे लोगों की पहचान कर गोपनीय रूप से जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि समय पर उचित कार्रवाई की जा सके.