CGL रद और CBI जांच पर सरकार से नहीं बनी बात, छात्रों का आंदोलन जारी; 10 अगस्त को विधानसभा घेराव

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है. सरकार ने अधिकांश मांगों पर सहमति जताई, लेकिन CGL परीक्षा रद्द करने और तत्काल CBI जांच से इनकार किया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

रांची: रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों और झारखंड सरकार के बीच गतिरोध अभी खत्म नहीं हुआ है. मंत्रियों की कमेटी के साथ हुई बातचीत में सरकार ने करीब 98 प्रतिशत मांगों पर सहमति बनने का दावा किया, लेकिन CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच जैसी प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी. छात्रों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित और ठोस आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा. 10 अगस्त को विधानसभा घेराव भी प्रस्तावित है.

मंत्री सुदिव्य कुमार के अनुसार, छात्रों की अधिकांश मांगों पर सरकार सहमत है. हालांकि CGL परीक्षा रद्द करने की मांग को स्वीकार नहीं किया गया. सरकार का कहना है कि यह परीक्षा झारखंड हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आयोजित हुई थी. ऐसे में इसे रद्द करने का अधिकार सरकार के पास नहीं है. इसी तरह CBI जांच की मांग पर भी फिलहाल सहमति नहीं बनी है.

तीन परीक्षाएं रद्द करने पर बनी सहमति

मंत्रियों की कमेटी ने बातचीत के दौरान JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2023 और सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा-2025 को रद्द करने पर सहमति जताई. इसके अलावा एजेंसी TDPL से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच कराने पर भी सरकार तैयार हुई है. मौजूदा CID जांच को 90 दिनों के भीतर पूरा करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया.


ED जांच पर सरकार ने रखा अपना पक्ष

छात्रों ने JPSC में कथित बड़े वित्तीय लेनदेन की जांच ED से कराने की मांग उठाई. इस पर मंत्रियों ने कहा कि यदि जांच के दौरान ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो ED जांच की अनुशंसा की जा सकती है. परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IIT-ISM और XLRI जैसी संस्थाओं से विशेषज्ञ सलाह लेने की बात भी सरकार ने कही है.

चार मंत्रियों ने छात्रों से की बातचीत

राजकीय अतिथिशाला में हुई बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल रहे. मंत्रियों की कमेटी ने छात्रों की अलग-अलग मांगों पर सरकार का पक्ष रखा और उन्हें अपने नेताओं से चर्चा के बाद जवाब देने का समय दिया. JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच और देवेंद्रनाथ महतो गुट के साथ बातचीत हो चुकी है, जबकि AISA के साथ चर्चा जारी है.

मांगों पर लिखित भरोसा चाहते हैं छात्र

सरकार की ओर से कई मांगों पर सहमति के बावजूद छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है. छात्र संगठनों का कहना है कि उन्हें केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और स्पष्ट गारंटी चाहिए. छात्रों ने ऐलान किया है कि उनकी हड़ताल जारी रहेगी. 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा. आंदोलनकारियों ने इसे शांतिपूर्ण रखने की बात कही है.