मां ने पैसों के लिए बेटी की लगाई कीमत,14 साल की बच्ची की 42 साल के अधेड़ से कराई शादी और खुद प्रेमी संग फरार

झारखंड के पलामू जिले में बाल विवाह से जुड़ा एक मामला सामने आया है. जिसमें एक 14 साल की बच्ची की शादी 42 साल के व्यक्ति के साथ शादी करवा दी गई.

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Shanu Sharma

रांची: झारखंड के पलामू जिले से एक बाल विवाह का बड़ा मामला सामने आया है. इस मामले में एक मां ने अपनी ही 14 साल की नाबालिग लड़की को पैसों की लालच में 42 साल के व्यक्ति के साथ शादी करवा दी. 

पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए बाताय कि महिला को अपनी बेटी की शादी करवाने के लिए 10 हजार रुपये मिले थे. महिला ने शादी करवाते वक्त लड़की के पिता की मौत हो चुकी है. जबकि पिता गुजरात के सूरत में मजदूरी करते थे. मां प्रेमी के साथ फरार हो गई और बच्ची को आरोपी के हवाले कर दिया. आरोपी बच्ची को लेकर मेदिनीनगर के श्रीराम पथ इलाके में रहने लगा.

पिता के घर लौटने पर सामने आई सच्चाई:

करीब दो महीने बाद पीड़िता के पिता काम छोड़कर घर लौटे. जब वे बेटी से मिलने पहुंचे तो पूरी सच्चाई सामने आई. बच्ची ने रोते हुए सब कुछ बता दिया. पिता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बच्ची को रेस्क्यू किया और उसे बाल कल्याण समिति के संरक्षण में भेज दिया.

पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि आरोपी प्रभाकर कुमार मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके खिलाफ सदर थाना में पॉक्सो एक्ट बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है. जांच जारी है. अगर शादी का कोई सबूत नहीं मिला तो मामला मानव तस्करी के तहत भी देखा जा सकता है.

झारखंड में बाल विवाह और शोषण की समस्या:

यह मामला झारखंड में बाल विवाह और बच्चों के साथ हो रहे शोषण की गंभीर समस्या को उजागर करता है. ग्रामीण इलाकों में गरीबी और अशिक्षा के कारण माता पिता अक्सर ऐसी गलतियां करते हैं. समाज में जागरूकता फैलाने और सख्त कानून लागू करने की जरूरत है. बच्ची अब सुरक्षित है लेकिन उसकी मासूमियत पर जो चोट लगी है वह आसानी से नहीं भर पाएगी.

यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि परिवार का सबसे मजबूत रिश्ता मां बेटी का होता है लेकिन यहां मां ने ही बेटी के साथ धोखा किया. पिता की मेहनत और जागरूकता से बच्ची बच गई. पुलिस की तेजी से कार्रवाई सराहनीय है. ऐसे मामलों में समाज को आगे आकर मदद करनी चाहिए ताकि कोई भी बच्ची ऐसी स्थिति में न आए.