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DA Hike: झारखंड सरकार का दिवाली गिफ्ट, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का बढ़ाया महंगाई भत्ता, अब मिलेगा 58% डीए

DA Hike: झारखंड सरकार ने दिवाली से पहले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा देते हुए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को 58% कर दिया है. हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्ताव पास किए गए, जिनमें नई एम्बुलेंस, पुलिस वाहनों की खरीद और सारंडा वन क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य बनाने पर चर्चा शामिल रही.

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Babli Rautela

DA Hike: झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिवाली से पहले बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में वृद्धि का फैसला लिया गया है.

राज्य सरकार ने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55% से बढ़ाकर 58% कर दिया है. यही बढ़ोतरी पेंशनभोगियों के लिए डीआर पर भी लागू होगी. अधिकारियों ने बताया कि यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी. इस फैसले से झारखंड सरकार के करीब 3 लाख कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे. सरकारी सूत्रों ने कहा, 'दिवाली से पहले यह फैसला राज्य कर्मचारियों के लिए राहत की बड़ी खबर है. बढ़े हुए डीए और डीआर से उनकी आय में सीधा सुधार होगा.'

कैबिनेट की बैठक में पारित हुए 24 प्रस्ताव

कैबिनेट बैठक में कुल 24 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें से कुछ जरूरी फैसले इस प्रकार हैं. स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 207 नई ALS एम्बुलेंसें खरीदने का फैसला किया गया है. इसके लिए 103.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. पुलिस विभाग के लिए 628 चार पहिया और 849 दो पहिया वाहन खरीदने के लिए 78.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई. शहरी स्थानीय निकायों में एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण को ‘ट्रिपल टेस्ट फॉर्मूला’ के तहत तय करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली.

क्या है ‘ट्रिपल टेस्ट फॉर्मूला’?

यह फॉर्मूला सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2010 में निर्धारित किया गया था.
इसके तहत राज्य सरकारों को —

1. आरक्षण देने के लिए एक विशेष आयोग गठित करना होता है.
2. संबंधित समुदायों की सामाजिक और जनसांख्यिकीय स्थिति के आंकड़े इकट्ठे करने होते हैं.
3. स्थानीय निकायों में आरक्षण का प्रतिशत इस तरह तय करना होता है कि कुल आरक्षण 50% से अधिक न हो.

सारंडा वन क्षेत्र को लेकर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई. कैबिनेट ने 341.68 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को सारंडा वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने और 1 किलोमीटर की परिधि को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र बनाने पर विचार किया.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, 'हमारी प्राथमिकता सारंडा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और अधिकार हैं. किसी भी स्थिति में उन्हें विस्थापित नहीं किया जाएगा.' उन्होंने आगे कहा कि वन अधिकार अधिनियम (FRA) के तहत स्थानीय निवासियों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा.