झारखंड में रामनवमी पर जुलूस के लिए बदली पूरी ट्रैफिक व्यवस्था, शराब की दुकानों के साथ जानें क्या-क्या रहेगा बंद
रामनवमी के मौके पर झारखंड में 27 से 29 मार्च तक शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है. धनबाद में ट्रैफिक नियमों में भी बदलाव किया गया है और कई वाहनों के संचालन पर रोक लगाई गई है.
रांची: रामनवमी के पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाने के लिए झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य में 27 मार्च से 29 मार्च 2026 तक शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह आदेश विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है.
हजारीबाग जिले में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह ने झारखंड उत्पाद अधिनियम 1915 की धारा 26(1) के तहत सभी प्रकार की खुदरा शराब दुकानों, बार, रेस्टोरेंट और अन्य लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों को पूरी तरह बंद रखने का निर्देश दिया है.
यातायात पर क्या पड़ा प्रभाव?
इसके अलावा रामनवमी के जुलूस को देखते हुए धनबाद जिले में ट्रैफिक व्यवस्था में भी बड़े बदलाव किए गए हैं. प्रशासन ने 27 मार्च को दोपहर 1 बजे से जुलूस समाप्त होने तक शहरी क्षेत्रों में बसों और भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है.
यातायात विभाग ने क्या बताया प्लान?
यातायात विभाग द्वारा जारी प्लान के अनुसार इस दौरान यात्री बसों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जाएगा. रांची और बोकारो से आने-जाने वाली बसों को करकेंद मोड़, सिजुआ नया मोड़ और अन्य निर्धारित रूटों से होकर गुजरना होगा. वहीं जमशेदपुर और पुरुलिया रूट की गाड़ियों को भी नए मार्गों पर डायवर्ट किया गया है.
शाम 4 बजे के बाद जुलूस वाले क्षेत्रों में ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य सवारी गाड़ियों के संचालन पर भी रोक लगा दी जाएगी. इससे जुलूस के दौरान भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी.
भारी वाहनों के लिए क्या है निर्देश?
भारी वाहनों के लिए भी कई क्षेत्रों में विशेष प्रतिबंध लागू किए गए हैं. बैकमोड़, जोड़ापोखर और झरिया थाना क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वाहनों की आवाजाही को सीमित या पूरी तरह बंद किया गया है. कुछ जगहों पर वाहनों को चेकपोस्ट और निर्धारित स्थानों पर ही रोक दिया जाएगा.
क्या है इसका उद्देश्य?
प्रशासन का कहना है कि इन सभी कदमों का उद्देश्य रामनवमी के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं. नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.