धनबाद में राशन कार्ड पर बड़ी कार्रवाई, 10 हजार लोगों के कटेंगे नाम; जानें वजह

KPI रिपोर्ट के आधार पर धनबाद में करीब 10,000 अयोग्य लोगों के नाम राशन कार्ड से हटाए जाएंगे. पांच हजार नाम पहले ही हटाए जा चुके हैं. जांच का मकसद नकली लाभार्थियों को हटाना और यह पक्का करना है कि राशन की सुविधा जरूरतमंदों तक पहुंचे.

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Km Jaya

धनबाद: धनबाद में राशन कार्ड होल्डर्स के लिए बड़ा अपडेट जारी हुआ है. यहां राशन कार्ड से दस हजार और नाम हटाए जाएंगे. जिसका प्रोसेस चल रहा है. केंद्र सरकार ने राज्य को परफॉर्मेंस इंडिकेटर यानी KPI रिपोर्ट सौंपी है. यह रिपोर्ट राज्य हेडक्वार्टर ने धनबाद भेज दी है. 

इस रिपोर्ट के आधार पर अब राशन कार्ड से नाम हटाए जाएंगे. पहले पांच हजार ऐसे लोगों के नाम हटाए गए थे जिन्हें अनाज नहीं मिल रहा था. फूड सप्लाई ऑफिसर पंकज कुमार का कहना है कि KPI रिपोर्ट के आधार पर अब राशन कार्ड होल्डर्स के नाम हटाए जाएंगे.

KPI रिपोर्ट क्या है?

विभाग के अधिकारी का कहना है कि केंद्र सरकार सभी विभागों में क्या हो रहा है, इसकी जांच करके KPI रिपोर्ट तैयार करती है. फिर यह रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजी जाती है. इससे पता चलता है कि विभाग में किसे क्या लाभ मिल रहा है और बाकी लोगों को क्या मिल रहा है. 

गौरतलब है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार और कुछ मामलों में पैन नंबर अनिवार्य है. इसी के आधार पर KPI रिपोर्ट तैयार की जाती है. अगर कोई रिटर्न फाइल कर रहा है या उसके पास चार पहिया वाहन है, तो उन सभी की रिपोर्ट तैयार कर खाद्य आपूर्ति विभाग को दे दी गई है.

DSO ने क्या कहा?

इस मामले की जानकारी देते हुए DSO पंकज कुमार ने कहा कि दस हजार लोगों के नाम राशन कार्ड से हटाए जाएंगे. KPI की ओर से जांच रिपोर्ट दी गई है. इसी जांच के आधार पर नाम हटाए जाएंगे. अगर लोग कई जगहों से राशन कार्ड का इस्तेमाल कर लाभ ले रहे हैं, तो उनके नाम हटाए जाएंगे.

किन लोगों का राशन कार्ड हेगा कैंसिल?

जिन लोगों की महीने की इनकम 1.2 लाख रुपये से ज़्यादा है, उनका अपना पक्का घर है, चार पहिया या दो पहिया गाड़ी है या उनके नाम पर बिजली का कनेक्शन है, ऐसे लोग गरीबी रेखा से ऊपर आते हैं. ऐसे लोगों को राशन कार्ड का नकली लाभार्थी माना जाता है, उनकी पहचान करके उनका राशन कार्ड कैंसिल कर दिया जाएगा. आपको बता दें कि नकली लाभार्थियों की पहचान करने का प्रोसेस पूरी तरह से ऑनलाइन है और डिजिटल वेरिफिकेशन पर आधारित है, इसलिए साल 2026 में नकली लाभार्थियों के राशन कार्ड कैंसिल कर दिए जाएंगे.