नींद में उठकर पेशाब करने गया था युवक, संतुलन बिगड़ने से छत से गिरकर हुई मौत

परिवार के अनुसार सुदामा रात में घर की छत पर सोने गया था. देर रात उसे पेशाब लगी. नींद पूरी तरह न खुलने के कारण वह लड़खड़ाया और छत की दीवार से गिर गया. गिरने से उसे सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं. परिवार वाले तुरंत उसे करनाल के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया.

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करनाल: शिव कॉलोनी में एक दुखद हादसा हुआ है, जिसमें 24 वर्षीय युवक सुदामा की छत से गिरने के बाद मौत हो गई. घटना 7 जून की रात की बताई जा रही है. युवक अपनी छत पर सो रहा था और पेशाब करने उठा तो नींद की हालत में संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया.

नींद में उठकर पेशाब करने गया था युवक

परिवार के अनुसार सुदामा रात में घर की छत पर सोने गया था. देर रात उसे पेशाब लगी. नींद पूरी तरह न खुलने के कारण वह लड़खड़ाया और छत की दीवार से गिर गया. गिरने से उसे सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं. परिवार वाले तुरंत उसे करनाल के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया. लेकिन युवक की हालत बहुत गंभीर थी. अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

संतुलन बिगड़ने से छत से गिरकर हुई मौत

मृतक के भाई सुरेश ने बताया- 'भाई रात में छत पर सोया हुआ था. वह काफी थका हुआ था. अचानक गिरने की आवाज सुनकर हम सब चौंक गए. जब देखा तो वह नीचे पड़ा हुआ था. खून निकल रहा था. हमने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर बचा नहीं पाए.'

पुलिस जांच में नींद में गिरने की आशंका

राम नगर थाना पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. राम नगर थाना के हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सुदामा नींद की अवस्था में था. पेशाब करने के लिए उठते समय उसका पैर फिसला या संतुलन बिगड़ा होगा. 

उन्होंने कहा- 'हम हर पहलू से जांच कर रहे हैं. परिवार से पूछताछ की जा रही है. अभी तक कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली है. लगता है यह दुर्घटना है.'

परिवार में मातम

सुदामा परिवार का मुख्य सहारा था. वह छोटे-मोटे काम करके घर चलाता था. उसके अचानक चले जाने से पूरा परिवार सदमे में है. पड़ोसियों ने भी इस घटना पर दुख जताया. कई लोगों ने कहा कि गर्मियों में लोग अक्सर छत पर सोते हैं, लेकिन सुरक्षा का ध्यान नहीं रखते. छत की दीवारें कम ऊंची होने या रेलिंग न होने से ऐसे हादसे हो जाते हैं.