'5 मिनट में मैं भी मर जाऊंगा', पंचकूला में 6 लोगों की आत्महत्या के बाद परिवार के 7वें सदस्य ने क्या कहा?

पंचकूला के उप पुलिस आयुक्त हिमाद्री कौशिक ने बताया कि छह लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी. जबकि, सातवें व्यक्ति को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया.

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Mayank Tiwari

हरियाणा के पंचकूला में सोमवार (26 मई) की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें सात लोगों का एक परिवार, जिसमें तीन बच्चे शामिल थे, मृत पाया गया. हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच-पड़ताल के अनुसार, सभी सातों की मौत आत्महत्या से होने का संदेह है. ऐसे में स्थानीय लोगों ने एक कार में संदिग्ध स्थिति देखकर जांच की, जिसके बाद इस दुखद घटना का खुलासा हुआ.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने कार के शीशों पर दस्तक दी तो पाया कि छह लोग मृत अवस्था में थे. जबकि,  सातवां व्यक्ति कार के बाहर बैठा था, जो बाद में बेहोश हो गया. एक स्थानीय निवासी पुनीत राणा ने बताया, “मैंने टॉर्च की रोशनी में देखा तो पाया कि सभी ने एक-दूसरे पर उल्टी की थी.” उन्होंने बताया कि ड्राइवर सीट पर बैठा 42 वर्षीय व्यक्ति तब तक होश में था और उसने कहा, “मैं भारी कर्ज में हूं और पांच मिनट में मैं भी मर जाऊंगा.”पंचकूला के उप पुलिस आयुक्त हिमाद्री कौशिक ने बताया कि छह लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी.सातवें व्यक्ति को सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया.

आत्महत्या का कारण बना भारी कर्ज

फिलहाल, पुलिस को शुरुआती जांच-पड़ताल से पता चला कि परिवार ने जहर खाकर आत्महत्या की. जिसमें परिवार भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था, जिसने उन्हें यह चरम कदम उठाने के लिए मजबूर किया। कार से मिले एक सुसाइड नोट में लिखा था कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है. सहायक पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) विक्रम नेहरा ने बताया, “पत्र में कहा गया है कि कोई भी उनकी मृत्यु के लिए जिम्मेदार नहीं है और उन्होंने वित्तीय नुकसान के कारण यह कदम उठाया. नोट में यह भी जिक्र है कि उनके ससुर को इस कदम के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए.”