चंडीगढ़: हरियाणा के कैथल जिले में आयोजित एक शिकायत निवारण बैठक उस समय चर्चा का विषय बन गई जब कैबिनेट मंत्री अनिल विज और आईपीएस अधिकारी उपासना यादव के बीच सार्वजनिक रूप से टकराव हुआ. यह पूरा विवाद एक पुलिस उप-निरीक्षक के निलंबन को लेकर शुरू हुआ. जहां मंत्री तुरंत कार्रवाई के लिए सख्त रुख अपनाए हुए थे. वहीं एसपी नियमों और क्षेत्राधिकार की व्याख्या कर रही थीं. इस प्रशासनिक गहमागहमी के बीच खेल जगत से खबर है कि भारतीय तेज गेंदबाज हर्षित राणा चोट के कारण टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने वाले हैं.
शुक्रवार को कैथल में आयोजित बैठक के दौरान तित्रम गांव के निवासी संदीप मलिक ने उप-निरीक्षक संदीप पर जमीन धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए. ऊर्जा और परिवहन मंत्री अनिल विज ने तुरंत एसपी उपासना यादव को निर्देश दिया कि उक्त अधिकारी को सस्पेंड किया जाए. हालांकि एसपी ने स्पष्ट किया कि आरोपी अधिकारी कुरुक्षेत्र जिले का है और उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. इसी बात पर विज का पारा चढ़ गया और उन्होंने तीखे लहजे में एसपी से कहा कि यदि तुम्हारे पास पावर नहीं है तो यहां से निकल जाओ.
उपासना यादव 2017 बैच की एक आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्होंने बी.फॉर्मा की पढ़ाई करने के बाद यूपीएससी की परीक्षा पास की थी. हरियाणा के ही नांगल मूंदी गांव की रहने वाली उपासना को भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के लिए जाना जाता है. वह पहले भी कैथल की एसपी रह चुकी हैं और वर्तमान में वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही हैं. विवाद के दौरान उनके द्वारा दिखाए गए धैर्य और सौम्य मिजाज की अब चौतरफा प्रशंसा हो रही है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अनिल विज काफी गुस्से में दिख रहे हैं और जोर देकर कह रहे हैं कि उनके आदेश का पालन किया जाए. उन्होंने एसपी को डीजीपी को पत्र लिखने के लिए कहा. उपासना लगातार यह समझाने का प्रयास करती रहीं कि तकनीकी रूप से निलंबन की शक्ति कुरुक्षेत्र के एसपी के पास ही है. इस घटना के बाद ब्यूरोक्रेट्स इंडिया ने भी उपासना यादव के पक्ष में आवाज उठाई है. प्रशासनिक गलियारों में अब यह बहस छिड़ गई है कि राजनीतिक दबाव और विभागीय नियमों के बीच सामंजस्य कैसे बैठाया जाए.