पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती! 75 साल के जयराम-71 की चंद्रो ने दी परीक्षा; पढ़ाई की ललक से पेश की मिसाल

हरियाणा के बीड़ गांव के 75 वर्षीय जयराम और 71 वर्षीय चंद्रो ने रविवार को उल्लास कार्यक्रम के तहत साक्षरता परीक्षा देकर मिसाल पेश की. दोनों ने परीक्षा केंद्र पहुंचकर पढ़ने-लिखने और आसान गणना से जुड़े सवाल हल किए.

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Babli Rautela

कहते हैं कि सीखने और पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती. इस बात को हरियाणा के बीड़ गांव के 75 वर्षीय जयराम और 71 वर्षीय चंद्रो ने सच कर दिखाया. उम्र के उस पड़ाव पर जब ज्यादातर लोग पढ़ाई से दूर हो जाते हैं, दोनों बुजुर्ग रविवार को परीक्षा केंद्र पहुंचे और साक्षरता परीक्षा दी.

उल्लास कार्यक्रम के पांचवें चरण के तहत आयोजित परीक्षा में महिलाओं और बुजुर्गों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया. परीक्षा में पढ़ने लिखने के साथ आसान गणना से जुड़े सवाल पूछे गए. जिले में कुल 425 निरक्षर लोगों की पहचान कर उनका पंजीकरण किया गया था.

277 स्कूलों को बनाया गया परीक्षा केंद्र

परीक्षार्थियों को उनके घर के नजदीक परीक्षा देने की सुविधा मिल सके, इसके लिए जिले के 277 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था. हांसी शहर में भी तीन केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई. ग्रामीण इलाकों में लोगों ने परीक्षा में खास उत्साह दिखाया. स्वयंसेवी शिक्षकों को पंजीकृत लोगों से संपर्क करने, उन्हें परीक्षा केंद्र तक लाने और परीक्षा की प्रक्रिया समझाने की जिम्मेदारी दी गई थी.


75 के जयराम और 71 की चंद्रो ने भी दी परीक्षा

हांसी के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में कुल 10 लोगों का पंजीकरण हुआ था. इनमें से सात लोग परीक्षा देने पहुंचे. इन परीक्षार्थियों में बीड़ गांव की 71 वर्षीय चंद्रो और 75 वर्षीय जयराम भी शामिल थे. इसके अलावा 34 वर्षीय मीना और 65 वर्षीय संतोष ने भी परीक्षा दी. हांसी की 61 वर्षीय कविता, 31 वर्षीय रत्न और 50 वर्षीय विनोद भी परीक्षा में शामिल हुए. कुल सात परीक्षार्थियों में चार महिलाएं और तीन पुरुष थे. बुजुर्ग परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र में पढ़ने लिखने और आसान हिसाब से जुड़े सवाल हल किए.

पहली बार उत्तर पुस्तिका पर सवाल हल करने का उत्साह

परीक्षा केंद्र पर शिक्षकों ने परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका भरने की प्रक्रिया समझाई. कई लोगों के लिए यह पहली बार था जब उन्होंने औपचारिक तरीके से उत्तर पुस्तिका पर सवाल हल किए. उम्रदराज परीक्षार्थियों में भी परीक्षा को लेकर उत्साह नजर आया. जयराम और चंद्रो जैसे बुजुर्गों का परीक्षा देने पहुंचना इस बात की मिसाल बना कि सीखने की इच्छा उम्र की मोहताज नहीं होती.

कुछ परीक्षा केंद्र मिले बंद

हांसी शहर के दो अन्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने पर उनके गेट बंद मिले. आसपास के लोगों के मुताबिक, सुबह कुछ परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे थे और बाद में स्कूल बंद कर दिया गया था. नोडल अधिकारी राममेहर के अनुसार, इन दोनों केंद्रों पर कुल 15 लोगों का पंजीकरण था. इनमें से 11 लोगों ने परीक्षा दी, जबकि चार परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. खंड शिक्षा अधिकारी सुनील के अनुसार, उल्लास परीक्षा का प्रश्नपत्र एक घंटे में पूरा किया जाना था. अगर सभी पंजीकृत परीक्षार्थी परीक्षा दे चुके थे, तो उसके बाद केंद्र बंद किया गया होगा. हालांकि, अगर कोई पंजीकृत परीक्षार्थी परीक्षा देने बाकी था तो केंद्र को समय से पहले बंद नहीं किया जा सकता.