गुरुग्राम: जिले में बिलासपुर इलाके की सिधरावली में एक निर्माणाधीन आवासीय परियोजना पर सोमवार शाम को भयानक दुर्घटना घट गई. बेसमेंट की गहरी खुदाई चल रही थी, तभी अचानक मिट्टी का बड़ा भाग खिसककर गिर पड़ा. इससे सात मजदूर दबकर मर गए, जबकि कई अन्य बुरी तरह जख्मी हो गए. घायलों को भिवाड़ी अस्पताल भेजा गया. प्रारंभिक रिपोर्ट्स में निर्माण कंपनी की लापरवाही सामने आ रही है. इस घटना से मजदूरों के घरों मातम पसर गया है. प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.
दरअसल, सिधरावली गांव में हाईवे किनारे ओल्ड राव होटल के समीप यह नई सोसायटी बन रही थी. कई दिनों से बेसमेंट के लिए मिट्टी निकाली जा रही थी. शाम के समय करीब 25 मजदूर गड्ढे में काम कर रहे थे. मिट्टी की दीवार कमजोर हो चुकी थी, लेकिन कोई सपोर्ट नहीं था. अचानक दीवार में दरार आई और वह तेजी से ढह गई. मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला. कुछ भाग निकले, लेकिन ज्यादातर मिट्टी के नीचे दब गए.
विशेषज्ञों के मुताबिक, खुदाई के दौरान मिट्टी की स्थिरता जांचनी चाहिए थी. लेकिन यहां सुरक्षा दीवारें या ब्रेसिंग नहीं लगाई गईं. बारिश या ढीली मिट्टी ने दीवार को और कमजोर किया. निर्माण में 25 से ज्यादा मजदूर थे, लेकिन हेलमेट या अन्य सुरक्षा उपकरण कम थे. प्रारंभिक जांच में कंपनी की ओर से नियमों की अनदेखी साफ दिख रही है. ऐसे हादसे अक्सर लापरवाही से होते हैं, जहां लागत बचाने के चक्कर में जान जोखिम में डाली जाती है.
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस, अग्निशमन दल, एसडीआरएफ और नागरिक सुरक्षा टीमों ने मौके पर पहुंचकर काम शुरू किया. जेसीबी और अन्य मशीनों से मलबा हटाया गया. कुल 12 मजदूरों को निकाला गया, जिनमें से सात को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया. मरने वालों में सतीश, भागीरथ, मिलन, मंगोल, शिव शंकर और परमेश्वर शामिल हैं. बाकी घायलों का इलाज चल रहा है. परिवारों को सूचित किया जा रहा है.
पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की है. एसीपी पटौदी योगेश कुमार ने कहा कि जिम्मेदारों पर सख्त ऐक्शन लिया जाएगा. प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश दिए हैं. यह हादसा निर्माण उद्योग में मजदूर सुरक्षा की कमी को उजागर करता है. भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम लागू करने की जरूरत है. मजदूरों के परिवार दुखी हैं और मुआवजे की मांग कर रहे हैं.