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India Daily

हरियाणा में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी मोबाइल का नहीं कर सकेंगे इस्तेमाल, स्क्रीन पर उंगली फिराने के लिए किसका दरवाजा होगा खटखटाना?

हरियाणा में पुलिस कार्मिकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने मोबाइल फोन आदि को अपने सीनियर अधिकारियों को सौंप दें, जिन्हें ऐसे सभी डिवाइस का रिकॉर्ड रखने के लिए नियुक्त किया गया है.

Kamal Kumar Mishra
हरियाणा में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी मोबाइल का नहीं कर सकेंगे इस्तेमाल, स्क्रीन पर उंगली फिराने के लिए किसका दरवाजा होगा खटखटाना?
Courtesy: x

Haryana Police Mobile Use: हरियाणा में पुलिस कर्मियों पर ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया गया है. मोबाइस का इस्तेमाल वे तभी कर सकते हैं, जब उनके वरिष्ठ अधिकारी इसकी इजाजत देंगे. पुलिस महानिदेशक कार्यालय की तरफ से सभी जिला पुलिस प्रमुखों को सख्त अनुपालन के निर्देश जारी किए गए है.

मिली जानकारी के अनुसार, यह निर्देश पुलिसकर्मियों द्वारा आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में ढिलाई बरतने की आशंका के चलते जारी किए गए, क्योंकि वे ड्यूटी के दौरान अपने मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों से चिपके रहते हैं कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने मोबाइल फोन आदि को अपने वरिष्ठ अधिकारियों के पास जमा कराएं, ताकि ऐसे सभी उपकरणों का रिकॉर्ड रखा जा सके. कर्मियों को ड्यूटी पर अपने मोबाइल फोन का उपयोग करने के लिए दी गई अनुमति भी नामित अधिकारियों द्वारा दर्ज की जाएगी.

इन ड्यूटी वालों पर विशेष प्रतिबंध

इस लिस्ट में कुछ श्रेणियों की ड्यूटी विशेष रूप से शामिल की गई हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों को अपने मोबाइल फोन का उपयोग करने से प्रतिबंधित किया जाएगा. इनमें यातायात प्रबंधन, वीआईपी ड्यूटी, कानून और व्यवस्था ड्यूटी, सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों की सुरक्षा करने वाले निजी सुरक्षा अधिकारी, गार्ड ड्यूटी, चेकपोस्ट, पुलिस नियंत्रण कक्ष, आपातकालीन ड्यूटी, विशेष छापे/चेकिंग अभियान, संवेदनशील प्रकृति की आधिकारिक बैठकें और प्रशिक्षण गतिविधियों के दौरान के कर्मी शामिल हैं.

इमरजेंसी में ले सकेंगे मोबाइल

निर्देश में कहा गया है कि "पुलिस कर्मियों की टीम का नेतृत्व करने वाले पर्यवेक्षक/वरिष्ठ अधिकारी को मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति होगी और किसी भी आपात स्थिति में शेष कर्मियों द्वारा उनके नंबर का उपयोग किया जाएगा."

नए आदेश के पीछे का तर्क

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन निर्देशों के कार्यान्वयन से "न केवल जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्यकुशलता में सुधार आएगा, बल्कि बेहतर व्यावसायिकता और सतर्कता के मामले में जनता के बीच उनकी छवि भी सुधरेगी."