फरीदाबाद: हरियाणा की औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के लिए सोमवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. सेक्टर-24 स्थित एक फैक्ट्री में सुबह अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया. अभी लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही फैक्ट्री परिसर एक जोरदार धमाके से दहल उठा. इस विस्फोट की गूंज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद हुए इस भीषण विस्फोट की चपेट में न केवल फैक्ट्री के कर्मचारी आए, बल्कि सड़क से गुजर रहे राहगीर भी इसकी मार से बच नहीं सके. घटना स्थल पर मची चीख-पुकार और धुएं के गुबार ने माहौल को और अधिक भयावह बना दिया.
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां फौरन मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया. लेकिन यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा साबित हुआ. आग पर काबू पाने की जद्दोजहद के दौरान ही वहां मौजूद तीन पुलिसकर्मी और दो दमकल कर्मी भी आग की लपटों की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए. अपनी जान की परवाह किए बिना ड्यूटी निभा रहे इन जांबाज कर्मियों को भी तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा. दमकल विभाग की कई टीमों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया.
इस हृदयविदारक हादसे में घायल हुए लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 35 लोग झुलसे हैं, जिन्हें उपचार के लिए फोर्टिस अस्पताल भेजा गया है. सभी घायलों की स्थिति पर डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार निगरानी रख रही है.
धमाके की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री के बाहर खड़े करीब 8 से 10 वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए. वाहनों के मलबे और फैक्ट्री की जली हुई दीवारों को देखकर हादसे की भयावहता साफ झलकती है.
स्थानीय पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केस दर्ज कर लिया है और आग लगने के वास्तविक कारणों की गहनता से जांच शुरू कर दी है. जांच का मुख्य विषय यह है कि क्या फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था और विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ. फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ करने की तैयारी में हैं ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके.