नई दिल्ली: देश में बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों के अनुसार ये आरोपी देश में बड़े स्तर पर हमला करने की तैयारी कर रहे थे और उनके निशाने पर संसद और राम मंदिर समेत कई महत्वपूर्ण ठिकाने थे.
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहे थे और इसी माध्यम से युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा था.
जानकारी के अनुसार एक आरोपी ने दिसंबर 2025 में दिल्ली आकर लाल किला और इंडिया गेट जैसे संवेदनशील स्थानों की रेकी भी की थी. इसके अलावा ओडिशा में हथियार प्रशिक्षण और शारीरिक ट्रेनिंग की योजना बनाई जा रही थी, जिसके लिए अन्य सदस्यों से धन जुटाने की कोशिश की जा रही थी.
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि मॉड्यूल के सदस्य रिमोट कंट्रोल से संचालित आईईडी तैयार करने के लिए सामग्री इकट्ठा कर रहे थे. साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से क्राउडफंडिंग के जरिए पैसे जुटाने के लिए बैंक खाते और क्यूआर कोड भी साझा किए जा रहे थे.
इस मामले में बिहार के कटिहार जिले के एक युवक सोहेल को भी गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी उसके मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के आधार पर हुई है. फॉरेंसिक जांच में उसके सोशल मीडिया अकाउंट और कॉल डिटेल से कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे उसकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी के संपर्क कुछ कट्टरपंथी संगठनों से भी जुड़े होने की आशंका है. फिलहाल केंद्रीय एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं और अन्य संभावित लिंक की तलाश की जा रही है.
अधिकारियों का कहना है कि समय रहते इस साजिश का खुलासा हो जाने से एक बड़ी घटना टल गई है. देश की सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले में हर पहलू की जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.