दिल्ली: पीरागढ़ी मर्डर मिस्ट्री का कातिल निकला मौलाना कमरुद्दीन, धनवर्षा का झांसा देकर वसूले लाखों और फिर किया ये नापाक काम
दिल्ली की पीरागढ़ी में कार में मिले तीन शवों की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. तांत्रिक कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया गया है, जिसने धनवर्षा के लालच में जहरीला लड्डू खिलाकर तीनों की क्रूरता से हत्या कर दी थी.
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर रविवार को एक सफेद कार में मिली तीन लाशों के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बुधवार को बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी, 'मौलाना' कमरुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में पता चला है कि आरोपी ने तंत्र-मंत्र के जरिए धनवर्षा का झांसा देकर पीड़ितों को सल्फास मिलाया हुआ लड्डू खिलाया था. मृतकों में एक करोड़ों की संपत्ति का मालिक भी शामिल था, जो लालच में इस शातिर अपराधी के जाल में फंस गया.
पुलिस के अनुसार, आरोपी कमरुद्दीन ने रणधीर, शिव नरेश और लक्ष्मी को विश्वास में लेकर उन्हें लड्डू खिलाए थे. इन लड्डुओं में पहले से ही जहरीला सल्फास और नींद की गोलियां मिली हुई थीं. जहर का असर होते ही तीनों की कार के भीतर ही मौत हो गई. इसके बाद आरोपी मौके से पीड़ितों के दो लाख रुपये लेकर फरार हो गया. पुलिस ने कार को घेराबंदी कर शवों को बरामद किया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा था.
धनवर्षा और तांत्रिक का खूनी खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी कमरुद्दीन करीब एक साल से इन लोगों के संपर्क में था. उसने रणधीर और शिव नरेश को झांसा दिया था कि वह तंत्र-मंत्र की शक्तियों से पैसों की बारिश करवा सकता है. इसके लिए उसने लक्ष्मी नामक लंबे बालों वाली महिला को साथ लाने की शर्त रखी थी. तंत्र-मंत्र के इसी संदिग्ध जाल में फंसकर तीनों अपनी जान गंवा बैठे. पुलिस अब इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है.
सीसीटीवी और चौथी सवारी का सुराग
पुलिस को मुख्य सुराग घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज से मिला. फुटेज में सफेद टाटा टिएगो कार की अगली सीट पर तीनों मृतकों के साथ एक चौथा व्यक्ति बैठा दिखाई दिया था. पुलिस को संदेह था कि यही व्यक्ति मौत का राज जानता है. गहन जांच के बाद पुलिस ने इस व्यक्ति की पहचान कमरुद्दीन उर्फ 'मौलाना' के रूप में की. उसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पकड़ा गया, जिससे इस पूरी खूनी साजिश का पर्दाफाश हो सका.
200 करोड़ का मालिक और अंधविश्वास
हैरानी की बात यह है कि मृतक रणधीर बापरोला गांव का रहने वाला था और करीब 200 करोड़ की संपत्ति का स्वामी था. प्रतिमाह 20 लाख रुपये किराया आने के बावजूद, वह तांत्रिक के 'धनवर्षा' वाले फर्जी वादे में फंस गया. वह दो लाख रुपये लेकर तांत्रिक के पास पूजा कराने गया था. आरोपी ने न केवल पैसे लूटे, बल्कि तीन लोगों की जान भी ले ली. यह लालच और अंधविश्वास के घातक परिणाम का एक बड़ा उदाहरण है.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कमरुद्दीन एक शातिर अपराधी है और उस पर पहले भी सात से अधिक हत्याओं का शक है. वह दिखने में एक साधारण व्यक्ति जैसा लगता है और किसी खास तांत्रिक वेशभूषा में नहीं रहता, जिससे लोग उस पर आसानी से भरोसा कर लेते थे. कई पुराने संदिग्ध मामलों में वह साक्ष्य के अभाव में कानून के शिकंजे से बच निकला था. पुलिस अब उसके पुराने अपराधों की फाइलें भी दोबारा खोल रही है ताकि सजा सुनिश्चित हो सके.
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