बच्चों संग मां-बाप भी कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में पहुंचे, कहा- हम एक ऐसा आंदोलन चाहते हैं जिस पर भरोसा किया जा सके

कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों, अभिभावकों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई.

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Sagar Bhardwaj

देश की प्रमुख परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों ने अब सड़कों तक लोगों को पहुंचा दिया है. शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा इकट्ठा हुए. इस प्रदर्शन का आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी ने किया था. प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि परीक्षा रद्द होने, परिणामों में देरी और कथित अनियमितताओं ने छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है. इसी चिंता ने एक बड़े जनसमूह को एक मंच पर ला खड़ा किया.

बढ़ती चिंता ने परिवारों को जोड़ा

प्रदर्शन में केवल छात्र ही नहीं बल्कि उनके माता-पिता भी बड़ी संख्या में पहुंचे. कई अभिभावकों का कहना था कि परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितता का असर सिर्फ छात्रों पर नहीं बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है. प्रदर्शन में पहुंचीं नुसरत परवीन अपनी तीन बेटियों के साथ मौजूद थीं. उनका कहना था कि बच्चों को भविष्य की चिंता में परेशान होते देख माता-पिता भी मानसिक दबाव महसूस करते हैं. उनकी बेटियों ने कहा कि शिक्षा का माहौल पहले की तुलना में अधिक तनावपूर्ण हो गया है. छात्रों के बीच अब पढ़ाई से ज्यादा परीक्षा और प्रवेश प्रक्रियाओं को लेकर चर्चा होती है, जिससे युवाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है.

परीक्षा विवादों से बढ़ी बेचैनी

प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों ने कहा कि वे अपने परीक्षा परिणामों के आधार पर आगे की पढ़ाई और करियर की योजना बनाते हैं लेकिन जब किसी परीक्षा को रद्द कर दिया जाता है या उस पर सवाल खड़े हो जाते हैं तो उनकी पूरी योजना प्रभावित हो जाती है. कुछ छात्रों ने बताया कि उन्होंने अपने संभावित अंकों का आकलन कर कॉलेजों के विकल्प भी तय कर लिए थे लेकिन बाद में परीक्षा से जुड़े विवाद सामने आने से स्थिति बदल गई. उनका कहना था कि बार-बार ऐसी घटनाएं छात्रों का आत्मविश्वास कमजोर करती हैं और भविष्य को लेकर भ्रम पैदा करती हैं.

युवाओं ने उठाई जवाबदेही की मांग

प्रदर्शन में मौजूद प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में होने वाली गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए. यूपीएससी की तैयारी कर रहे कुछ युवाओं का मानना था कि केवल जांच की घोषणा काफी नहीं है, बल्कि ठोस कार्रवाई भी जरूरी है. कई छात्रों ने यह भी कहा कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस का विषय बनाने के बजाय समाधान की दिशा में काम होना चाहिए. युवाओं का कहना था कि उनकी मेहनत और समय का सम्मान किया जाना चाहिए क्योंकि एक परीक्षा उनके जीवन के कई वर्षों को प्रभावित कर सकती है.

भरोसेमंद आंदोलन की मांग तेज

हरियाणा सहित कई राज्यों से पहुंचे युवाओं ने कहा कि उन्हें ऐसा आंदोलन चाहिए जिस पर लोग भरोसा कर सकें और जो छात्रों की वास्तविक समस्याओं को मजबूती से उठाए. प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने किया. बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि हाल के परीक्षा विवादों ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि छात्रों को सबसे अधिक जरूरत एक ऐसी व्यवस्था की है जिस पर वे बिना किसी डर और संदेह के भरोसा कर सकें.