दिल्ली के साकेत में बीते शनिवार को एक विशाल व्यावसायिक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई. इस भीषण हादसे ने देश की राजधानी में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को एक बार फिर सबके सामने ला दिया है. घटना के बाद हरकत में आई दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब मकान मालिक को दबोच लिया है.
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी दुखद घटना साकेत मेट्रो स्टेशन के करीब स्थित सैदुलाजाब क्षेत्र में हुई. आरोपी कर्मवीर की इसी बहुमंजिला इमारत में बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. इस परिसर में एक नामी कोचिंग संस्थान चल रहा था, जहां रोजाना सैकड़ों छात्र अपनी पढ़ाई के लिए आते थे. इसके अलावा, इमारत के भीतर एक कैफे और कई निजी कॉर्पोरेट कंपनियों के दफ्तर भी मौजूद थे.
प्रारंभिक प्रशासनिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और विचलित करने वाले हैं. जिस समय यह पूरी इमारत भरभरा कर जमींदोज हुई, उस वक्त उसकी सबसे ऊपरी मंजिल पर सुरक्षा नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर अतिरिक्त कमरों का निर्माण कार्य किया जा रहा था. विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर बुनियाद के ऊपर क्षमता से अधिक बोझ डालने और इस गैरकानूनी कंस्ट्रक्शन के कारण ही यह मजबूत दिखने वाली संरचना अचानक ढह गई.
इस बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दर्दनाक हादसे में छह बेकसूर लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी और बचाव कर्मियों ने मलबे के भीतर से उनके शव बरामद किए. अस्पताल में भर्ती आठ अन्य घायलों की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है और वे जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. इस बड़ी लापरवाही के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी मालिक कर्मवीर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और अवैध निर्माण जैसी सख्त कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है.
मुख्य आरोपी कर्मवीर को सोमवार को सलाखों के पीछे भेजने के बाद अब पुलिस जांच का दायरा काफी बढ़ गया है. पुलिस प्रशासन अब नगर निगम (MCD) के संबंधित अधिकारियों और निर्माण कार्य में शामिल ठेकेदारों की मिलीभगत की गहराई से पड़ताल कर रहा है. जांच दल इस बात का पता लगा रहा है कि आखिर इतने व्यस्त व्यावसायिक इलाके में बिना किसी वैध अनुमति और सुरक्षा जांच के इस खतरनाक अवैध निर्माण को कैसे होने दिया गया.