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'दिल्ली में दिवाली पर 37 में से केवल 9 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन कर रहे थे काम', सुप्रीम कोर्ट ने लगाई लताड़

रिसर्च के अनुसार, दिवाली के अगले दिन दिल्ली का औसत PM2.5 स्तर 488 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पहुंच गया- जो WHO की सीमा से करीब 100 गुना ज्यादा था. यह स्तर दिवाली से पहले के मुकाबले 212% ज्यादा था. ‘ग्रीन पटाखों’ की अनुमति के बावजूद, प्रदूषण तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया.

@airnewsalerts
Sagar Bhardwaj

दिल्ली में दिवाली के बाद एक बार फिर हवा जहरीली हो गई है. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को चौंकाने वाला खुलासा किया कि दिवाली के दिन राजधानी के 37 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन में से सिर्फ 9 ही काम कर रहे थे. कोर्ट की ऐमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने सवाल उठाया कि जब मॉनिटरिंग डेटा ही अधूरा है तो सरकार व एजेंसियां प्रदूषण से निपटने की रणनीति कैसे बना सकती हैं. कोर्ट ने CAQM और CPCB से जवाब मांगा है.

 दिवाली पर मॉनिटरिंग सिस्टम ठप

अपराजिता सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली में दिवाली की रात जब प्रदूषण चरम पर था, तब शहर के ज्यादातर मॉनिटरिंग स्टेशन बंद थे. उन्होंने सवाल उठाया कि “जब डेटा ही नहीं मिलेगा, तो हम ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) कब लागू करेंगे?” कोर्ट ने इस पर नाराज़गी जताई और कहा कि बिना डेटा के प्रदूषण नियंत्रण की योजना असंभव है.

 कोर्ट ने मांगी जवाबदेही

मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने CAQM और CPCB को निर्देश दिया कि वे दिल्ली की हवा सुधारने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करें. कोर्ट ने पूछा कि “CAQM रिपोर्ट दाखिल करने से क्यों बच रहा है?” अदालत ने इस पर सख्त रुख दिखाया और कहा कि एजेंसियां जनता के स्वास्थ्य के प्रति जवाबदेह हैं.

 दिवाली के बाद प्रदूषण का भयावह स्तर

NDTV की रिसर्च के अनुसार, दिवाली के अगले दिन दिल्ली का औसत PM2.5 स्तर 488 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पहुंच गया- जो WHO की सीमा से करीब 100 गुना ज्यादा था. यह स्तर दिवाली से पहले के मुकाबले 212% ज्यादा था. ‘ग्रीन पटाखों’ की अनुमति के बावजूद, प्रदूषण तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया.

 शहर में सांस लेना मुश्किल

दिवाली के बाद दिल्ली के कई इलाकों में AQI 350 से ऊपर दर्ज हुआ. आर.के. पुरम में 335, रोहिणी में 352, सोनिया विहार में 350 और वजीरपुर में 377 रहा. दक्षिण दिल्ली के सीरी फोर्ट में भी AQI 330 के पार था. CPCB के अनुसार, PM2.5 का स्तर 189.6 और PM10 का स्तर 316 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक पहुंच गया.

 ‘बहुत खराब’ श्रेणी में फंसी दिल्ली की हवा

दिल्ली की समग्र एयर क्वालिटी ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में 316 रही, जो रविवार के 366 से थोड़ी कम है. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी है. छोटे कणों के कारण सांस की बीमारियां, बच्चों और बुजुर्गों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं. दिल्ली, दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में एक बार फिर शामिल हो गई है.