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दिल्ली में आज से 'PUC नहीं तो फ्यूल नहीं', वाहनों की जांच के लिए तैनात किए गए 580 पुलिसकर्मी

दिल्ली में गंभीर प्रदूषण के बीच ‘No PUC, No Fuel’ नियम लागू किया जा रहा है. BS-VI से कम वाहनों की एंट्री पर रोक, निर्माण सामग्री पर प्रतिबंध और सख्त निगरानी से हवा सुधारने की कोशिश होगी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
दिल्ली में आज से 'PUC नहीं तो फ्यूल नहीं', वाहनों की जांच के लिए तैनात किए गए 580 पुलिसकर्मी
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राष्ट्रीय राजधानी में जहरीली होती हवा ने सरकार को कड़े फैसले लेने पर मजबूर कर दिया है. दिल्ली सरकार और एयर क्वालिटी मैनेजमेंट आयोग ने GRAP स्टेज-IV के तहत सख्त प्रतिबंध लागू करने का ऐलान किया है. गुरुवार से बिना वैध PUC वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा. इसके साथ ही पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है.

‘No PUC, No Fuel’ का सख्त नियम

गुरुवार से दिल्ली के सभी पेट्रोल, डीजल और CNG पंपों पर बिना वैध PUC प्रमाणपत्र ईंधन नहीं दिया जाएगा. फ्यूल स्टेशनों को साफ निर्देश हैं कि नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई होगी. सरकार का कहना है कि यह कदम सीधे उन वाहनों पर लगाम लगाएगा जो लंबे समय से प्रदूषण फैलाते आ रहे हैं.

बाहर की गाड़ियों पर पूरी तरह रोक

GRAP स्टेज-IV के दौरान दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड और BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों की राजधानी में एंट्री प्रतिबंधित रहेगी. हालांकि CNG, इलेक्ट्रिक वाहन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, आपात सेवाओं और जरूरी सामान ढोने वाले वाहनों को छूट दी गई है.

निर्माण सामग्री ढोने पर प्रतिबंध

प्रदूषण में निर्माण गतिविधियों की बड़ी हिस्सेदारी को देखते हुए रेत, गिट्टी, ईंट, सीमेंट और मलबा लेकर आने वाले वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर पूरी तरह रोक लगाई गई है. नियम तोड़ने पर वाहन जब्त किए जा सकते हैं और भारी जुर्माना लगाया जाएगा.

क्यों जरूरी हुए इतने कड़े कदम

सरकारी आंकड़ों और विशेषज्ञ रिपोर्टों के अनुसार सर्दियों में दिल्ली के PM2.5 और PM10 स्तर में वाहनों और निर्माण कार्यों का बड़ा योगदान रहता है. सुप्रीम कोर्ट ने भी पुराने वाहनों पर सख्ती की अनुमति दी है. सरकार का मानना है कि बिना कठोर फैसलों के हालात संभालना संभव नहीं है.

निगरानी और ट्रैफिक प्रबंधन की तैयारी

नियमों को लागू कराने के लिए 580 पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है और 126 चेक प्वाइंट बनाए गए हैं. ANPR कैमरे, VAHAN डाटाबेस और पुलिस निगरानी से जांच होगी. ट्रैफिक जाम से बचने के लिए 100 हॉटस्पॉट्स पर विशेष योजना के तहत ट्रैफिक फ्लो सुधारने की तैयारी की गई है.