नई दिल्ली: शुक्रवार रात राष्ट्रीय राजधानी के शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में लगी भीषण आग में करीब 300 दुकानें जलकर खाक हो गईं. हालांकि, इस भयावह घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. इसी बीच आग बुझाने पहुंची दमकल गाड़ियों पर कथित तौर पर गुस्साए स्थानीय लोगों ने पथराव कर दिया.
बताया जा रहा है कि लोगों का गुस्सा इसलिए भड़का क्योंकि शुरुआत में आग बुझाने के लिए पर्याप्त इंतज़ाम नहीं किए गए थे. अभी आग पर काबू पा लिया गया है. इससे पहले, फायर अधिकारियों ने बताया था कि प्लाइवुड और लकड़ी के फर्नीचर जैसी अत्यधिक ज्वलनशील चीजों की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैली. बाद में स्थिति को काबू में करने के लिए मौके पर कई और दमकल गाड़ियां भेजी गईं.
डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर डीबी मुखर्जी ने बताया कि दिल्ली फायर सर्विस को रात 11:57 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत टीमें मौके पर भेजी गईं.
डीबी मुखर्जी ने पत्रकारों से कहा, 'फायर कंट्रोल रूम को रात 11:57 बजे आग लगने की सूचना मिली. शुरुआत में आग बुझाने के लिए सामान्य इंतजाम किए गए थे लेकिन, यह देखते हुए कि यह एक ऐसा मार्केट है जहां बड़ी मात्रा में अत्यधिक ज्वलनशील चीजें मौजूद हैं, इस घटना को बाद में 'बड़ी' आग घोषित कर दिया गया और आधिकारिक तौर पर इसे 'मध्यम' श्रेणी की आग के तौर पर वर्गीकृत किया गया.'
उन्होंने बताया कि आग बहुत बड़े इलाके में फैल गई थी; यह मार्केट अपने आप में काफी बड़ा है और यहां मुख्य रूप से लकड़ी के फर्नीचर, प्लाइवुड और इसी तरह की चीजों का कारोबार होता है. अब तक मौके पर लगभग 25 से 30 दमकल गाड़ियां पहुंच चुकी हैं. फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया है. हमें इस बात की पुष्टि मिल गई है.
आग लगने के कारणों के बारे में मुखर्जी ने कहा कि दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच करेगी. मुखर्जी ने पत्रकारों से कहा कि आग लगने के कारणों के बारे में हमें अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है. दिल्ली पुलिस ही आग लगने के सही कारणों का पता लगाएगी, क्योंकि इस मामले की जांच उनके अधिकार क्षेत्र में आती है.'
मौके पर मौजूद कुछ लोग सिर्फ दो फायर टेंडरों को देखकर नाराज हो गए और उन्होंने कथित तौर पर गाड़ियों पर पत्थर फेंके.
शास्त्री पार्क अपनी घनी व्यावसायिक गतिविधियों, खासकर फर्नीचर से जुड़े कारोबारों के लिए जाना जाता है. आग के तेज होने के साथ-साथ आग बुझाने का काम और भी मुश्किल होता गया. आग लगने के सही कारणों की अभी भी जांच की जा रही है. इस बीच फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी FSL की एक टीम भी इलाके का मुआयना करने और नुकसान का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंची.