दिल्ली में LPG की कमी से घबराए लोग, हजारों घरों से PNG कनेक्शन के लिए तेजी से आ रहे हैं आवेदन

दिल्ली में LPG की कमी और ब्लैक मार्केटिंग की खबरों के बीच PNG कनेक्शन की मांग तेजी से बढ़ गई है. IGL को अब रोज करीब 300 कॉल्स मिल रही हैं कंपनी ने नए कनेक्शन लगाने के लिए अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं.

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Km Jaya

नई दिल्ली: इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड यानी IGL के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में घरेलू पाइप वाली नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्शन के लिए आने वाली कॉल की संख्या पिछले एक हफ्ते में लगभग तीन गुना बढ़ गई है. IGL ने बताया कि उसे अब नए PNG कनेक्शन के लिए रोजाना लगभग 300 कॉल आ रही हैं, जबकि पिछले हफ्ते तक यह संख्या रोजाना लगभग 100 थी. 

यह बढ़ोतरी शहर में LPG की कमी और सिलेंडरों की कालाबाजारी बढ़ने की खबरों के बीच हुई है. अधिकारियों ने बताया कि इस बढ़ी हुई मांग को संभालने के लिए अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं, और कंपनी फिलहाल दिल्ली में रोजाना 1,000 से ज्यादा घरेलू कनेक्शन चालू करने में सक्षम है.

IGL के अधिकारी ने क्या बताया?

IGL के एक अधिकारी ने कहा, 'मिल रहे अनुरोधों के आधार पर ज्यादा से ज्यादा नए घरेलू कनेक्शन लगाने की कोशिशें की जा रही हैं. इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है.'

कंपनी ने क्या बताया?

कंपनी ने बताया कि कॉल की संख्या में हुई इस बढ़ोतरी में ऐसे उपभोक्ता भी शामिल हैं जिन्होंने पहले अपने PNG कनेक्शन रोक दिए थे और अब उन्हें फिर से चालू करवाना चाहते हैं.

इनमें ऐसे घर शामिल हैं जहां पहले से ही जरूरी ढांचा मौजूद है लेकिन उन्होंने अपने कनेक्शन रोक दिए थे. अधिकारी ने कहा, 'जहां पिछले हफ्ते तक हमें ऐसे लगभग 150 से 200 कॉल रोजाना आते थे, वहीं अब हमें अपने कनेक्शन फिर से चालू करवाने के इच्छुक घरेलू उपभोक्ताओं से रोजाना 350 से ज्यादा कॉल आ रहे हैं.'

इस बीच कुछ मौजूदा गैर-घरेलू ग्राहकों ने बताया कि IGL ने आपूर्ति पर 80 प्रतिशत की सीमा लागू करना शुरू कर दिया है, जिसके बारे में अधिकारियों ने कहा कि यह सरकारी आदेशों के अनुरूप है.

कितना पड़ा है इसका प्रभाव?

मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया वेलफेयर सोसाइटी के उपाध्यक्ष श्रीश शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र की लगभग 30-40 प्रतिशत इंडस्ट्रीज इस कटौती से प्रभावित हुई हैं.

उन्होंने कहा, 'इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि हमें बताया गया है कि 80 प्रतिशत आपूर्ति पिछले तीन महीनों की औसत खपत के आधार पर की जाएगी. वह समय काम-काज के लिहाज से धीमा था और औसत खपत कम थी लेकिन अब जब हमें ज्यादा गैस की जरूरत है, तो कटौती बहुत ज्यादा हो गई है.' शर्मा ने कहा, 'जो लोग गैस-आधारित जनरेटर इस्तेमाल करते हैं, उन पर तो और भी बुरा असर पड़ा है.'

क्या है इसकी वजह?

दिल्ली के Apex Chamber of Commerce and Industries ने भी औद्योगिक इकाइयों को PNG सप्लाई में 20 प्रतिशत की कटौती करने के फैसले पर विरोध और गहरी चिंता जताई. उन्होंने इसकी वजह पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई में आने वाली संभावित रुकावटों को बताया.

एक बयान में चैंबर ने कहा कि यह फैसला असल में एक अंतरराष्ट्रीय संकट का बोझ घरेलू उद्योग पर डाल देता है, खासकर MSME सेक्टर पर जो दिल्ली के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की रीढ़ है.