दिल्ली की सड़कों पर 40 साल बाद धमाल, आज से शुरू होंगी इलेक्ट्रिक डबल डेकर बस; जानें कितना होगा किराया और रूट
दिल्ली में आज शुक्रवार से इलेक्ट्रिक ओपन-टॉप डबल डेकर बसें शुरू हो गई हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विजय चौक से हरी झंडी दिखाई. हर बस में 63 यात्री बैठ सकेंगे, ऊपरी मंजिल खुली रहेगी.
नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली की यादें ताजा करने का मौका आ गया है. करीब 40 साल बाद राजधानी की सड़कों पर डबल डेकर बसें लौट आई हैं, लेकिन इस बार पूरी तरह नई, इलेक्ट्रिक और पर्यटकों के लिए खास. आज यानी 27 फरवरी 2026 से ये ओपन-टॉप बसें चलनी शुरू होंगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विजय चौक से इन बसों को रवाना करेंगी. मकसद साफ है – दिल्ली के ऐतिहासिक और आधुनिक स्थलों को करीब से दिखाना, पर्यटन बढ़ाना और प्रदूषण कम करना. ऊपर बैठकर हवा के झोंके के साथ सेंट्रल विस्टा का नजारा लेना अब आसान हो गया है.
इलेक्ट्रिक और पर्यावरण-अनुकूल बसें
ये बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक हैं, इसलिए कोई धुआं या तेज आवाज नहीं. हर बस में करीब 63 लोग बैठ सकते हैं. ऊपरी मंजिल पूरी तरह खुली है, जिससे हवा और सूरज का मजा लेते हुए सफर हो सके. बसों को दिल्ली के मशहूर स्थलों की तस्वीरों से सजाया गया है. लाइव टूर गाइड आसान हिंदी में हर जगह का इतिहास और रोचक बातें बताएगा. यह सेवा शुरुआत में एक तय रूट पर चलेगी, लेकिन आगे हॉप-ऑन-हॉप-ऑफ मॉडल में बदल सकती है.
रूट में शामिल प्रमुख जगहें
सफर की शुरुआत प्रधानमंत्री संग्रहालय से होगी. इसके बाद बस कर्तव्य पथ, नेशनल वॉर मेमोरियल, भारत मंडपम, नए संसद भवन परिसर, दिल्ली हाट और इंडिया गेट से गुजरेगी. ऊपर बैठकर इंडिया गेट और सेंट्रल विस्टा का नजारा देखना सबसे खास अनुभव होगा. शाम की सैर करीब 6 बजे से शुरू होगी, जब रोशनी में ये जगहें और भी खूबसूरत लगती हैं. पर्यटकों और दिल्ली वासियों, दोनों के लिए यह एक यादगार घूमने का तरीका साबित होगा.
कितना किराया और कैसे बुक करें
वयस्कों के लिए टिकट 500 रुपये और 6 से 12 साल के बच्चों के लिए 300 रुपये रखा गया है. इस कीमत में पूरा गाइडेड टूर शामिल है. टिकट ऐप के जरिए या बस काउंटर से मिलेंगे. सुबह और शाम दोनों समय बसें चलेंगी. परिवार के साथ, दोस्तों के साथ या अकेले घूमने के लिए यह किफायती और मजेदार विकल्प है.
पुरानी यादों का नया रूप
1960-70 के दशक में दिल्ली की डबल डेकर बसें चांदनी चौक, कनॉट प्लेस और आईटीओ जैसे इलाकों में चलती थीं. 1980 के दशक में इन्हें बंद कर दिया गया था. अब ये बसें रोज की यात्रा के लिए नहीं, बल्कि खास हेरिटेज टूर के लिए लौटी हैं. पुरानी यादों और नई इलेक्ट्रिक तकनीक का यह मेल दिल्ली को और आकर्षक बना रहा है. पर्यटकों के लिए यह एक नया अनुभव होगा, जो शहर की सैर को और यादगार बना देगा.
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