दिल्ली में प्रदूषण का कहर, इन पांच इलाकों में हवा हुई बेहद जहरीली; जानें अपने क्षेत्र का AQI स्तर

दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 366 पर पहुंच गया है जो इस सीजन का सबसे खराब स्तर है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मंगलवार को यह 'गंभीर' श्रेणी में जा सकता है. रविवार को पांच स्थानों पर AQI 400 से ऊपर दर्ज हुआ. पराली जलाने का प्रभाव इस बार कम है, जबकि सबसे ज्यादा प्रदूषण का कारण दिल्ली का परिवहन क्षेत्र बना हुआ है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली होती जा रही है. रविवार को राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 366 दर्ज किया गया जो इस सीजन का सबसे खराब स्तर है. मौसम विभाग और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने चेतावनी दी है कि मंगलवार को दिल्ली की हवा 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच सकती है. हालांकि बुधवार से हल्की सुधार की संभावना जताई गई है.

CPCB के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को सुबह 10 बजे दिल्ली का औसत AQI 388 तक पहुंच गया था. शाम 4 बजे यह कुछ कम होकर 366 रहा. तेज हवाओं के कारण थोड़ी राहत मिली लेकिन हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं. दिल्ली में 39 सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों में से पांच बुराड़ी (404), चांदनी चौक (404), आरके पुरम (401), विवेक विहार (402) और वजीरपुर (418) ने 'गंभीर' श्रेणी का AQI दर्ज किया. बाकी 30 स्टेशनों ने 'बहुत खराब' स्तर की हवा दर्ज की.

विशेषज्ञों ने क्या बताया?

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय वायुमंडलीय परिस्थितियां प्रदूषकों के फैलाव के लिए अनुकूल नहीं हैं. स्काईमेट मौसम विज्ञान के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि रविवार को हवाओं की गति करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही, जिससे मामूली सुधार हुआ. लेकिन दिन भर हवा का रुख बदलता रहा, जिससे पंजाब और हरियाणा से आने वाले पराली धुएं का असर दिल्ली तक पहुंचा.

आने वाले दिनों में कैसी होगी स्थिति?

केन्द्र के एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम ने अनुमान जताया है कि 5 नवंबर को भी हवा 'गंभीर' स्तर तक जा सकती है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं है, केवल हल्के बादल छाए रहेंगे. बारिश न होने के कारण प्रदूषण में राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल नहीं है.

प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह क्या है?

डेटा के अनुसार, पराली जलाने से रविवार को दिल्ली के प्रदूषण में केवल 3.5 प्रतिशत योगदान रहा, जबकि शनिवार को यह 9 प्रतिशत था. पिछली सर्दियों की तुलना में इस बार फसल कटाई में देरी होने से पराली जलाने की घटनाएं कम हैं. दिल्ली के प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान 18.13 प्रतिशत के साथ परिवहन क्षेत्र का है. इसके बाद झज्जर का 11.2 प्रतिशत और आवासीय क्षेत्र का 4.5 प्रतिशत हिस्सा है. लगभग 36.8 प्रतिशत प्रदूषण बाहरी स्रोतों से आ रहा है.

दिल्ली में कितना है तापमान?

दिल्ली का न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री अधिक है. अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री के आसपास रहा. मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि 7 नवंबर के बाद न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से नीचे जा सकता है जबकि अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री के बीच रहेगा.

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