आग का गोला बनी दिल्ली! IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, 46°C तक पहुंच सकता है तापमान

दिल्ली इस समय आग की भट्टी बनी हुई है. भीषण गर्मी का प्रकाप राजधानी और आस-पास के इलाकों में जारी है. इसी के चलते मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: दिल्ली और आस-पास के इलाकों में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और पारा लगातार चढ़ता जा रहा है. मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है जिसका मतलब है कि फिलहाल इस तपती गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हफ्ते के बीच में दिल्ली के कुछ हिस्सों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक दिन का तापमान 43 डिग्री से ऊपर ही रहेगा. इसके साथ ही अगले सात दिनों तक दिन और रात के तापमान में कोई खास गिरावट नहीं होगी यानी दिल्ली वालों को चौबीसों घंटे इस जानलेवा गर्मी का सामना करना पड़ेगा.

दिल्ली क्यों बनी आग की भट्टी?

जानकारों के अनुसार इस समय मौसम पूरी तरह सूखा है और कोई भी ऐसा मौसमी सिस्टम नहीं बन रहा है जो बारिश या ठंडी हवा ला सके. इसकी वजह से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से लगातार आ रही गर्म और सूखी हवाओं ने दिल्ली को भट्टी जैसा बना दिया है.

ऑरेंज अलर्ट किया गया जारी

यह ऑरेंज अलर्ट लोगों को गर्मी से होने वाली बीमारियों के प्रति सावधान करने के लिए जारी किया गया है. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक है लेकिन लापरवाही बरतने पर स्वस्थ लोग भी डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और हीटस्ट्रोक के शिकार हो सकते हैं.

मौसम विभाग ने दी ये सलाह

दोपहर के समय बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें. बाहर जाते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को टोपी, छाते या कपड़े से ढककर रखें. प्यास न लगने पर भी लगातार पानी पीते रहें. शराब या ज्यादा चाय-कॉफी से बचें क्योंकि इनसे शरीर में पानी की कमी होती है. ज्यादा गर्मी में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है इसलिए घरों और गाड़ियों में अग्निशामक यंत्र तैयार रखें.

रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी बिजली की मांग

भयंकर गर्मी के कारण दिल्ली में एसी और कूलरों का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है जिससे मंगलवार दोपहर को बिजली की मांग इस सीजन के सबसे ऊंचे स्तर 7,776 मेगावाट पर पहुंच गई है. लोग अब इस चिलचिलाती धूप से बचने के लिए अपने डेली रूटीन को बदलने लगे हैं और दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा दिखने लगा है.