दिल्ली सरकार की बड़ी तैयारी, ला रही है 'रिक्लेम वाटर पॉलिसी 2026', जानें क्या है सरकार का प्लान
दिल्ली जल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शहर में रोजाना करीब 750 मिलियन गैलन पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स में शुद्ध किया जाता है. इसमें से लगभग 350 मिलियन गैलन पानी यमुना नदी में छोड़ दिया जाता है. बाकी 400 मिलियन गैलन में से फिलहाल केवल 120 मिलियन गैलन का ही दोबारा उपयोग हो रहा है.
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार जल्द ही 'रिक्लेम वाटर पॉलिसी 2026' लागू करने जा रही है. इसका मुख्य लक्ष्य शहर में बढ़ती पानी की कमी से निपटना और पीने योग्य पानी की बचत करना है. नीति के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से साफ किए गए पानी को दोबारा इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाएगा.
दिल्ली सरकार की बड़ी तैयारी
दिल्ली जल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शहर में रोजाना करीब 750 मिलियन गैलन पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स में शुद्ध किया जाता है. इसमें से लगभग 350 मिलियन गैलन पानी यमुना नदी में छोड़ दिया जाता है. बाकी 400 मिलियन गैलन में से फिलहाल केवल 120 मिलियन गैलन का ही दोबारा उपयोग हो रहा है. सरकार अब बचे हुए लगभग 280 मिलियन गैलन ट्रीटेड पानी का भी पूरा इस्तेमाल सुनिश्चित करना चाहती है.
जानें क्या है सरकार का प्लान
नई नीति में निर्माण कार्यों और बागवानी में ट्रीटेड पानी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा. फार्म हाउस, कार धोने और रिहायशी सोसाइटियों में साफ-सफाई जैसे कामों के लिए भी पीने के पानी की जगह ट्रीटेड पानी इस्तेमाल करने की योजना है. रिहायशी इलाकों में ड्यूल पाइपलाइन सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि पीने का पानी और ट्रीटेड पानी अलग-अलग पहुंच सके. जहां ड्यूल पाइपलाइन नहीं होगी, वहां टैंकरों के जरिए ट्रीटेड पानी सप्लाई किया जाएगा.
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दिल्ली जल बोर्ड ट्रीटेड पानी के लिए अलग कनेक्शन और मीटर लगाएगा. इससे इस्तेमाल की निगरानी और बिलिंग आसान हो जाएगी. जल मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार अगर लोग बागवानी, सफाई और गाड़ी धोने जैसे कामों में ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल करें, तो पीने योग्य पानी की खपत घटेगी. इससे कई उपभोक्ताओं को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी की योजना का फायदा मिल सकेगा और पानी का बिल भी कम हो सकता है.
सरकार का मानना है कि इस नीति से उपलब्ध पानी का बेहतर उपयोग होगा और बढ़ती आबादी के कारण भविष्य में होने वाले जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी. पानी की मांग के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज का प्रस्ताव भी शामिल किया जा सकता है. कुल मिलाकर यह नीति दिल्ली को जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनाएगी.