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दिल्ली वालों के लिए बड़ी खबर, बढ़ गया SIR का समय; जानें अब कब तक जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में बदलाव किया गया है. घर घर सत्यापन 17 अगस्त 2026 तक चलेगा. प्रारंभिक मतदाता सूची 24 अगस्त को जारी होगी.

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Km Jaya

नई दिल्ली: दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया का नया कार्यक्रम जारी किया गया है. चुनाव आयोग ने घर घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन की समय सीमा बढ़ा दी है. इसके साथ ही अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख भी आगे बढ़ा दी गई है.

पहले जहां अंतिम मतदाता सूची 17 अगस्त 2026 को जारी होनी थी, अब इसे 27 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित किया जाएगा. इस बदलाव का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं का सत्यापन और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है.

क्या है नया कार्यक्रम?

चुनाव आयोग के नए कार्यक्रम के अनुसार बूथ स्तर के अधिकारी 17 अगस्त 2026 तक घर घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. इसी अवधि में मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का कार्य भी पूरा किया जाएगा. इसके बाद 24 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का प्रारंभिक मसौदा प्रकाशित किया जाएगा, ताकि नागरिक अपनी जानकारी की जांच कर सकें.


कब तक दर्ज करा सकते हैं आपत्तियां?

यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है या नाम, पता अथवा अन्य विवरण में कोई त्रुटि है, तो उसे सुधार कराने का अवसर मिलेगा. चुनाव आयोग ने 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि निर्धारित की है. इस दौरान नागरिक आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन देकर नया नाम जुड़वाने, गलतियां ठीक कराने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे.

दावा और आपत्तियों पर सुनवाई तथा उनका निपटारा 24 अगस्त से 22 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा. सभी आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद यही सूची आगामी चुनावों में उपयोग की जाएगी.

चुनाव आयोग ने क्या की है अपील?

चुनाव आयोग ने दिल्ली के सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची जारी होने के बाद अपना नाम और अन्य विवरण अवश्य जांच लें. यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है या नाम सूची में शामिल नहीं है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना जरूरी होगा. समय पर सुधार कराने से मतदान के दिन किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकेगा.

मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होती है. ऐसे में सभी पात्र नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे अपने नाम और विवरण की पुष्टि करें तथा आवश्यकता होने पर समय रहते सुधार की प्रक्रिया पूरी करें.