Delhi AQI Today: दिल्ली को प्रदूषण से मिली बड़ी राहत, हवा हुई बेहतर; BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों की सड़कों पर वापसी
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है. AQI घटकर ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचा, जिसके बाद प्रशासन ने GRAP स्टेज-III की पाबंदियां हटा दी हैं.
नई दिल्ली: दिल्ली-NCR के लोगों के लिए 5 जनवरी 2026 की सुबह राहत भरी रही. कई दिनों से गंभीर प्रदूषण झेल रही राजधानी में हवा की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार देखा गया. अनुकूल मौसम और तेज हवाओं के चलते प्रदूषक कणों का स्तर घटा है. इसी के आधार पर प्रशासन ने GRAP के तीसरे चरण की सख्त पाबंदियों को हटाने का फैसला लिया है. हालांकि, अधिकारियों ने सतर्कता बनाए रखने की अपील भी की है.
AQI में सुधार से मिली राहत
सोमवार सुबह 7 बजे दर्ज आंकड़ों के अनुसार दिल्ली का AQI 222 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है. इससे पहले यह स्तर 316 तक पहुंच गया था. विशेषज्ञों के मुताबिक PM2.5 और PM10 कणों में आई कमी इसका मुख्य कारण है. तेज हवाओं ने प्रदूषकों को फैलाने में मदद की, जिससे हवा की गुणवत्ता में धीरे-धीरे सुधार दर्ज हुआ.
मौसम की अहम भूमिका
आज सुबह दिल्ली का आसमान बादलों से घिरा रहा और न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, हवा की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषण ठहर नहीं पाया. यही वजह है कि पिछले कुछ घंटों में AQI तेजी से नीचे आया. हालांकि, सर्दी और नमी के चलते आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर रखना जरूरी रहेगा.
GRAP स्टेज-III हटने से क्या बदला
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने समीक्षा के बाद GRAP स्टेज-III को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया. इसके साथ ही निजी निर्माण कार्य, तोड़-फोड़ और खनन गतिविधियों पर लगी रोक समाप्त कर दी गई है. इससे निर्माण क्षेत्र से जुड़े मजदूरों और कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है और रुकी हुई परियोजनाएं फिर से शुरू हो सकेंगी.
वाहनों और व्यापार को मिली राहत
स्टेज-III हटने के बाद BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल चार पहिया वाहनों को सड़कों पर चलने की अनुमति मिल गई है. इससे रोजाना सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है. इसके अलावा स्टोन क्रशर और गैर-जरूरी औद्योगिक गतिविधियों को भी दोबारा संचालन की छूट दी गई है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां गति पकड़ सकेंगी.
सतर्कता अब भी जरूरी
अधिकारियों ने साफ किया है कि GRAP स्टेज-I और स्टेज-II के नियम अभी भी लागू रहेंगे. धूल नियंत्रण, कचरा जलाने पर रोक और मैकेनिकल सफाई जैसे उपाय जारी रहेंगे. प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे निजी वाहनों का सीमित उपयोग करें और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचें. यदि AQI फिर से गंभीर स्तर पर पहुंचा, तो सख्त कदम दोबारा उठाए जा सकते हैं.