नई दिल्ली: दिल्ली के सेंट्रल पार्क में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दिल्ली AI ग्राइंड कार्यक्रम तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान की नई सोच को सामने लाने वाला रहा. इस कार्यक्रम में भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक साथ मंच पर पहुंचे. बच्चों और युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में दोनों ही मेहमानों ने AI, स्पेस टेक और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से बात की.
कार्यक्रम का मकसद छात्रों को यह समझाना था कि आने वाले समय में किस तरह AI शिक्षा से लेकर स्पेस साइंस तक हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शुभांशु शुक्ला ने कहा कि एविएशन, स्पेस साइंस और AI आज एक-दूसरे के पूरक बन गए हैं. उन्होंने कहा कि हर नया स्पेस मिशन और आधुनिक विमान अब AI के बिना आगे नहीं बढ़ सकता.
Delhi: Delhi hosted the curtain raiser for AI Grind, India’s first city-centric AI innovation engine. The event was attended by Chief Minister Rekha Gupta, Education Minister Ashish Sood, and ISRO astronaut Subhanshu Shukla pic.twitter.com/AjhJoweaQR
— IANS (@ians_india) December 7, 2025
उनके अनुसार भविष्य की सुरक्षा प्रणालियां, ड्रोन, एयरक्राफ्ट और अंतरिक्ष मिशन पूरी तरह AI आधारित होंगे. उन्होंने बताया कि स्पेस मिशन से आने वाला डेटा इतना विशाल होता है कि AI के बिना उसका विश्लेषण तेजी से संभव नहीं है. छात्रों ने उत्साह के साथ AI ग्राइंड का जिंगल भी गाकर सुनाया, जिसे देखकर शुक्ला बेहद खुश हुए. शुक्ला ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जीरो ग्रेविटी ने उनके दिमाग पर इतना प्रभाव डाला कि धरती पर लौटने के बाद भी उन्हें लगा कि चीजें हवा में तैरेंगी.
उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत तभी 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा जब युवा नई तकनीकों को अपनाएंगे और खुद पर विश्वास रखेंगे. उन्होंने कहा कि आसमान कभी सीमा नहीं रहा और आने वाली पीढ़ियां इससे भी आगे जाएंगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि AI कल्पना से भी ऊपर है. उन्होंने कहा कि आज के सरकारी स्कूलों के छात्र बिना ट्यूशन के भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं.
रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि देश की बड़ी आबादी बोझ नहीं बल्कि एसेट है क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदूषण पर भी चिंता जताई और कहा कि इसे कम करने में सरकार और जनता दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे.
उन्होंने बताया गया कि शुभांशु शुक्ला 2025 में Axiom Mission 4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन गए थे और 18 दिनों तक प्रयोग कर सुरक्षित लौटे. वे ISS जाने वाले पहले भारतीय हैं और ISRO के गगनयान मिशन से भी जुड़े हैं.