menu-icon
India Daily

दिल्ली ब्लास्ट को केंद्र ने माना आतंकी घटना, कैबिनेट मीटिंग में प्रस्ताव पारित, मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि

केंद्र सरकार ने सोमवार शाम को दिल्ली के लाल किले पर हुए कार धामके को आतंकी घटना माना है और इसको लेकर एक प्रस्ताव पारित किया है. सराकर ने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
 Delhi blast
Courtesy: x

केंद्र सरकार ने सोमवार शाम को दिल्ली के लाल किले पर हुए कार धामके को आतंकी घटना माना है और इसको लेकर एक प्रस्ताव पारित किया है. सराकर ने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

10 नवंबर की शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण कार धमाके में 12 लोगों की मौत के बाद अब केंद्र सरकार ने इस घटना को लेकर सख्त रुख अपनाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में न केवल इस हमले की निंदा की गई, बल्कि पीड़ितों को श्रद्धांजलि भी दी गई. बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को मामले की गहराई से जांच कर जल्द दोषियों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए.

कैबिनेट ने जताया शोक, रखा दो मिनट का मौन

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया. पूरे कैबिनेट ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी. सभी मंत्रियों ने इस हमले को “देश की शांति पर हमला” बताते हुए कहा कि निर्दोषों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है. सरकार ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया.

आतंकी घटना को बताया कायराना हमला

कैबिनेट ने इस कार ब्लास्ट को आतंकवाद का नृशंस और कायराना कृत्य बताया. बैठक में कहा गया कि देश किसी भी रूप में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. केंद्र ने कहा कि यह हमला राष्ट्र की एकता और सुरक्षा को कमजोर करने की साजिश है, जिसे नाकाम किया जाएगा. इस मौके पर सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और स्थानीय नागरिकों के साहस की भी सराहना की गई.

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई

कैबिनेट ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम रहेगा. बैठक में कहा गया कि चाहे आतंकी संगठन देश में हों या बाहर, उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. सरकार ने दुनिया के उन देशों का भी आभार जताया जिन्होंने इस घटना पर भारत के प्रति एकजुटता दिखाई और आतंकवाद के खिलाफ समर्थन दिया.

जांच तेज करने के निर्देश

सरकार ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए पेशेवर तरीके से काम किया जाए. आतंकियों, उनके सहयोगियों और प्रायोजकों की पहचान कर जल्द से जल्द उन्हें सजा दिलाई जाए. कैबिनेट ने साफ कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की निगरानी सरकार के उच्चतम स्तर पर की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों को भविष्य में ऐसे हमलों से निपटने के लिए और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई.