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मास्क पहनकर समर्थकों के साथ अस्पताल में घुसे बीजेपी विधायक, डॉक्टरों ने लगाया बदसलूकी का आरोप, जानें पूरा मामला

दिल्ली के आचार्य भिक्षु अस्पताल में भाजपा विधायक हरीश खुराना और उनके समर्थकों पर इमरजेंसी वार्ड में कार्यरत एक प्रशिक्षु डॉक्टर से बदसलूकी का आरोप लगा है. डॉक्टरों का कहना है कि विधायक ने दबाव डालते हुए इलाज में हस्तक्षेप किया, जबकि खुराना ने इसे बेबुनियाद बताते हुए कहा कि वह अस्पताल की अनियमितताओं की शिकायत पर औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे.

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Kuldeep Sharma

पश्चिमी दिल्ली के आचार्य भिक्षु अस्पताल में बृहस्पतिवार को हुए एक घटनाक्रम ने राजनीतिक और चिकित्सकीय जगत में हलचल मचा दी है. यहां ड्यूटी पर मौजूद एक प्रशिक्षु डॉक्टर ने भाजपा विधायक हरीश खुराना और उनके साथ आए लोगों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया. दूसरी ओर विधायक का दावा है कि उन्होंने सिर्फ अस्पताल की अनियमितताओं को उजागर करने के लिए निरीक्षण किया था और किसी से दुर्व्यवहार नहीं किया. यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा का विषय बना हुआ है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह करीब 11:15 बजे कुछ लोग एक बच्चे को लेकर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे. वहां मौजूद डॉक्टरों ने सामान्य प्रक्रिया के तहत इलाज के लिए थोड़ी देर इंतजार करने को कहा. इसी दौरान विवाद बढ़ गया और डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि मरीज के परिजनों के साथ मौजूद लोगों ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी.

विधायक पर लगा आरोप

डॉक्टरों का आरोप है कि इस दौरान एक व्यक्ति ने खुद को स्थानीय विधायक बताते हुए दबाव बनाया. प्रशिक्षु डॉक्टरों ने अस्पताल प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें भाजपा विधायक हरीश खुराना और उनके समर्थकों पर बदसलूकी का आरोप लगाया गया. शिकायत में कहा गया कि विधायक ने अपनी पहचान का इस्तेमाल कर अस्पताल स्टाफ को डराने की कोशिश की.

विधायक ने आरोपों पर क्या कहा?

उधर हरीश खुराना ने वीडियो जारी कर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार शिकायत मिल रही थी कि अस्पताल में मरीजों के साथ लापरवाही हो रही है. इसी वजह से वह मास्क लगाकर औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे. खुराना ने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं, लेकिन उन्होंने किसी के साथ न तो गाली-गलौज की और न ही मारपीट.

पुलिस और सोशल मीडिया पर बहस

मोतीनगर थाना पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई है. पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच मामले को आपसी बातचीत से सुलझा लिया गया है. वहीं सोशल मीडिया पर इस प्रकरण को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं. कुछ पोस्ट में डॉक्टरों के समर्थन में आवाज उठाई जा रही है, तो कुछ जगह विधायक का पक्ष सही ठहराया जा रहा है.