Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे के बाद बड़ा एक्शन, आसपास की कमजोर इमारतें सील; बगल की बिल्डिंग चरणों में होंगी ध्वस्त
सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की जांच तेज कर दी है. कई संरचनाओं को नोटिस देकर सील किया गया है.
नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद नगर निगम ने आसपास की इमारतों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. हादसे के बाद कई आसपास की संरचनाओं को नोटिस देकर सील किया गया है. वहीं हादसे वाली इमारत के पास खड़ी एक कमजोर इमारत को अब चरणबद्ध तरीके से गिराने का फैसला लिया गया है.
अधिकारियों के अनुसार यह इमारत बेहद कमजोर स्थिति में है और वर्तमान में गार्ड रेल के सहारे खड़ी है. इसे सहारा देने के लिए आगे, पीछे और बीच के हिस्से में करीब 18 से 20 गार्ड रेल लगाए गए हैं. हैरानी की बात यह है कि इमारत में पिलर और बीम नहीं हैं. संरचना की कमजोर स्थिति को देखते हुए पहले ही नोटिस जारी किया गया था.
आसपास की अन्य इमारतों की जांच
अब इस इमारत को एक साथ गिराने के बजाय चरणबद्ध तरीके से ध्वस्त किया जाएगा, ताकि आसपास मौजूद लोगों और दूसरी इमारतों को किसी तरह का खतरा न हो. इसके अलावा आसपास की अन्य इमारतों की भी जांच की जा रही है.
Also Read
सभी जोन में इमारतों की जांच के आदेश
सत्यानिकेतन हादसे के बाद नगर निगम दिल्ली ने सभी जोन के बिल्डिंग विभाग के कार्यकारी इंजीनियरों को अपने क्षेत्र में आने वाली इमारतों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है. अधिकारियों को 10 सितंबर तक विस्तृत रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है.
अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों के मुताबिक इन निरीक्षणों से जुटाई गई जानकारी को दिल्ली हाईकोर्ट में 10 दिनों के भीतर दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में शामिल किया जाएगा. प्रत्येक जोन में संबंधित अतिरिक्त आयुक्त निरीक्षण और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.
हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किया गया है. IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इससे पहले डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को निलंबित किया गया था.
MCD अधिकारियों पर भी कार्रवाई
सत्यानिकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत और कम से कम छह लोगों के घायल होने के बाद MCD ने डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार समेत इंजीनियरिंग विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है.