गरियाबंद के प्राइमरी स्कूल में नशे में धुत मिला टीचर, क्लासरूम में सॉफ्ट-ड्रिंक की बोतल में मिली महुआ शराब

सरकारी स्कूल के शिक्षक को स्कूल समय में नशे की हालत में पाए जाने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. मैनपुर ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में यह घटना हुई.

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Antima Pal

रायपुर: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को स्कूल समय में नशे की हालत में पाए जाने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. मैनपुर ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय में यह घटना हुई. इस स्कूल में करीब 24 छात्र और दो शिक्षक काम करते हैं.

गरियाबंद के प्राइमरी स्कूल में नशे में धुत मिला टीचर

वीडियो में शिक्षक को कक्षा के अंदर लड़खड़ाते कदमों से चलते और कांपती आवाज में बोलते देखा जा सकता है. उनके हाथ में एक बोतल दिखाई दे रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बोतल महुआ शराब की हो सकती है. कक्षा में एक सॉफ्ट ड्रिंक की बोतल भी रखी मिली, जिसके बारे में ग्रामीणों का दावा है कि उसमें भी महुआ भरी हुई थी. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सहायक शिक्षक स्कूल के घंटों के दौरान शराब के नशे में थे.

क्लासरूम में सॉफ्ट-ड्रिंक की बोतल में मिली महुआ शराब

शिक्षक ने इन आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने स्कूल में कोई शराब नहीं लाई. फिर भी वीडियो के वायरल होने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. स्थानीय लोग इस घटना से नाराज हैं. वे कहते हैं कि स्कूल जैसे पवित्र स्थान पर शिक्षक का नशे में होना बच्चों की पढ़ाई और भविष्य दोनों को नुकसान पहुंचाता है.


शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया. मैनपुर के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी देवनाथ बघेल ने आरोपी शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. साथ ही विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. अगर आरोप सही पाए गए तो सख्त सजा दी जा सकती है.

यह घटना अकेली नहीं है. पहले भी छत्तीसगढ़ के कई स्कूलों में शिक्षकों के नशे में आने के मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे मामलों से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते हैं. बच्चे स्कूल में ज्ञान पाने आते हैं, लेकिन अगर शिक्षक खुद नशे में हों तो उनका भरोसा टूट जाता है.

ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. वे चाहते हैं कि स्कूल में नियमित निगरानी बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं. शिक्षा विभाग ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.