लापरवाही पड़ेगी भारी, समय रहते नहीं भरा ई-चालान तो रद्द होगा ड्राइविंग लाइसेंस; गाड़ी की हो सकती है नीलामी
यातायात पुलिस ने ई चालान समय पर न भरने वाले वाहन चालकों के लिए नई सख्त गाइडलाइन जारी की है. अब निर्धारित समय में चालान जमा न करने पर मामला सीधे न्यायालय भेजा जाएगा.
रायपुर: ट्रैफिक पुलिस ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों से समय पर ई-चालान की रकम भरने को कहा गया है. पुलिस ने साफ किया है कि जिन मामलों में तय समय के अंदर चालान फीस नहीं भरी जाती, उन्हें कोर्ट भेजा जा रहा है. इसके अलावा, गंभीर उल्लंघनों और कोर्ट के नोटिस को नजरअंदाज करने के मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करने और जरूरत पड़ने पर गाड़ी की नीलामी करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है.
ASP रामगोपाल करियारे ने बताया कि ये गाइडलाइंस SSP रजनीश सिंह के निर्देशों पर जारी की गई हैं. ट्रैफिक पुलिस के अनुसार अभी ई-चालान पोर्टल पर सॉफ्टवेयर अपडेट का काम चल रहा है; वाहन चालक 'नेक्स्ट-जेन ई-चालान' सिस्टम का इस्तेमाल करके कंप्यूटर या लैपटॉप से ऑनलाइन फीस भर सकते हैं.
सर्वर से जुड़ी कोई समस्याओं के लिए क्या बताया?
अगर सर्वर से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो ITMS इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) जाकर भी चालान फ़ीस भरी जा सकती है. उल्लंघन के 24 घंटे के अंदर वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर चालान से जुड़ी जानकारी भेज दी जाती है. इसके बाद, सात दिनों के अंदर रजिस्टर्ड पोस्ट से चालान की हार्ड कॉपी रजिस्टर्ड पते पर भेजी जाती है.
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समय-समय पर मोबाइल फोन पर रिमाइंडर भी भेजे जाते हैं ताकि वाहन चालक समय पर चालान भर सकें. अगर इसके बाद भी चालान नहीं भरा जाता है, तो मामला ई-कोर्ट सिस्टम के जरिए कोर्ट भेज दिया जाता है. गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन या बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी.
ट्रैफिक पुलिस ने क्या बताया?
कुछ मामलों में कोर्ट के आदेश पर गाड़ी की नीलामी की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है. ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, ट्रैफिक अनुशासन बनाए रखें और समय पर ट्रैफिक जुर्माना भरें.
ई-चालान फीस कैसे भरें?
ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि अभी ई-चालान पोर्टल पर सॉफ्टवेयर अपडेट का काम चल रहा है. इसलिए वाहन चालक 'Next Gen e-Challan' सिस्टम के जरिए अपना जुर्माना ऑनलाइन भर सकते हैं; यह सुविधा कंप्यूटर और लैपटॉप पर उपलब्ध है.
अगर पोर्टल या सर्वर में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो वाहन चालक ITMS इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) बिल्डिंग जाकर ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद से ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं. पुलिस ने कहा कि समय पर जुर्माना भरने से कोर्ट की कार्यवाही और बेवजह की परेशानी से बचा जा सकता है.
क्या लिया जा सकता है एक्शन?
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार अगर तय समय के भीतर जुर्माना नहीं भरा जाता है, तो मामला ई-कोर्ट सिस्टम के जरिए कोर्ट को भेज दिया जाता है. बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है. गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन या बार-बार नियम तोड़ने के मामलों में कोर्ट वाहन की नीलामी का आदेश भी दे सकती है.