नीतीश के इस्तीफे के बाद नए सीएम के नाम पर मंथन जारी, रेस में इस धाकड़ बीजेपी नेता का नाम सबसे आगे

नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारी तेज हो गई है. 15 अप्रैल तक एनडीए की नई सरकार अस्तित्व में आ सकती है, जिसमें मुख्यमंत्री से लेकर दो डिप्टी सीएम के नामों पर मंथन जारी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद से इस्तीफे के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सूबे की कमान किसके हाथों में होगी. एनडीए खेमे में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो चुका है. जानकारों की मानें तो खरमास खत्म होने के बाद, यानी 15 अप्रैल तक बिहार में नई सरकार की तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी.

नीतीश कुमार अगले महीने की 10 तारीख को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण के अगले दिन यानी 11 अप्रैल को वह आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद का त्याग कर सकते हैं. हालांकि, प्रशासनिक शून्यता से बचने के लिए नई सरकार के गठन तक वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे. जदयू के भीतर इस बदलाव को एक नए युग की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है.

कौन होगा अगला मुख्यमंत्री? रेस में ये नाम आगे 

नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कयासों का बाजार गर्म है. 'हम' पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी ने सार्वजनिक रूप से भाजपा नेता सम्राट चौधरी का नाम आगे बढ़ाया है, जिसे लोजपा (रामविलास) का भी मौन समर्थन मिलता दिख रहा है. खुद नीतीश कुमार ने अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दौरान मंच से भाजपा नेताओं की ओर इशारा करते हुए संकेत दिया था कि अब आगे की जिम्मेदारी इन्हीं कंधों पर है. हालांकि, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा का कहना है कि अंतिम फैसला एनडीए की दिल्ली और पटना में होने वाली साझा बैठकों में ही लिया जाएगा.

डिप्टी सीएम की रेस और 'निशांत कुमार' की चर्चा

इस नई सियासी बिसात में सबसे चौंकाने वाली चर्चा नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को लेकर है. राजनीतिक गलियारों में खबर है कि भाजपा के मुख्यमंत्री के साथ जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं. इसमें वरिष्ठ नेता विजय चौधरी के साथ-साथ निशांत कुमार के नाम की भी चर्चा जोरों पर है. एनडीए के रणनीतिकार ललन सिंह और संजय झा इस पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही बिहार की नई कैबिनेट के शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है.